केवल कल्याणकारी योजनाएं ही डीएमके के लिए जीत की गारंटी नहीं: प्रवीण चक्रवर्ती

चेन्नई, 15 फरवरी . कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती ने Sunday को सत्तारूढ़ डीएमके की प्रमुख महिला सहायता योजना पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह पहल सराहनीय है, लेकिन यह मानना ​​अंधविश्वास होगा कि केवल कल्याणकारी उपाय ही चुनावी जीत की गारंटी दे सकते हैं.

प्रोफेशनल्स कांग्रेस और डेटा एनालिटिक्स विभाग के अध्यक्ष चक्रवर्ती ने Chief Minister एमके स्टालिन द्वारा ‘कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों को 5,000 रुपए प्रति लाभार्थी के खाते में जमा करने की घोषणा के कुछ दिनों बाद social media पर एक पोस्ट में ये टिप्पणियां कीं.

चक्रवर्ती ने कहा कि मगलीर उरिमाई थोगई योजना एक बहुत अच्छी कल्याणकारी पहल है. इसका कार्यान्वयन प्रशंसनीय है. लेकिन यह मानना ​​अंधविश्वास है कि केवल इसी से चुनावी सफलता सुनिश्चित होगी.

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में, प्रमुख राज्यों में इसी तरह की प्रत्यक्ष लाभ योजनाओं को लागू करने वाली नौ Governmentों में से केवल चार ही सत्ता बरकरार रख पाईं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कल्याणकारी पहलों का चुनावी लाभ में तब्दील होना जरूरी नहीं है.

अपने तर्क के समर्थन में आंकड़े साझा करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर समूहों के लिए लक्षित प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता योजनाओं को लागू करने के बावजूद, समान पहलों को लागू करने वाली पांच Governmentें सत्ता से बाहर हो गईं.

उन्होंने 2023 में Rajasthan और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार का उदाहरण दिया, जबकि उन्होंने लाभार्थियों को वित्तीय राहत और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई महंगाई राहत और गृह लक्ष्मी योजना जैसी योजनाएं लागू की थीं.

उन्होंने तेलंगाना में India राष्ट्र समिति (बीआरएस) Government की हार का भी जिक्र किया, जहां कल्याणकारी उपाय उसके चुनावी अभियान का एक प्रमुख हिस्सा थे और इन्हें चुनावी मजबूती के साधन के रूप में व्यापक रूप से पेश किया गया था.

उनकी ये टिप्पणियां डीएमके और उसके लंबे समय से सहयोगी रहे कांग्रेस के बीच बढ़ते Political तनाव के बीच आई हैं.

कांग्रेस के कुछ नेता डीएमके के नेतृत्व वाली Government में मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की सार्वजनिक रूप से वकालत कर रहे हैं, जिसे डीएमके नेतृत्व ने अब तक दृढ़ता से खारिज कर दिया है, जो गठबंधन के भीतर अंतर्निहित तनाव का संकेत देता है.

Saturday को Chief Minister स्टालिन ने कहा कि उनकी Government द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को 5,000 रुपए देने के फैसले ने जनता को आश्चर्यचकित कर दिया और उन दुश्मनों को झटका दिया, जिन्होंने कथित तौर पर विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना को रोकने का प्रयास किया था.

एमएस/

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