
New Delhi, 17 जून . शिवसेना (यूबीटी) नेताओं संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने पार्टी के सांसदों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है. नेताओं का दावा है कि कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई है. पार्टी ने संसदीय बैठक के लिए व्हिप जारी किया है और Lok Sabha अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि बगावत करने वाले सांसदों को छोड़ा नहीं जाएगा.
मीडिया से बातचीत के दौरान कुछ सांसदों के बगावत करने संबंधी सवाल पर संजय राउत ने कहा, “फिलहाल मुझे लगता है कि सभी साथ हैं और पार्टी एकजुट है. मेरे पास किसी आधिकारिक इस्तीफे या पार्टी छोड़ने की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, मीडिया के जरिए हमें ऐसी खबरें मिल रही हैं.”
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई में मातोश्री पर सांसदों की बैठक हुई थी, जिसमें कुछ सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि अन्य वर्चुअली शामिल हुए थे. राउत के अनुसार, बैठक में सभी सांसदों ने पार्टी और उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी.
राउत ने कहा, “अगर इसके बावजूद कोई शिवसेना से बेइमानी करना चाहता है, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं. बगावत करने वाले सांसद शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर चुने गए हैं.”
उन्होंने दावा किया कि Lok Sabha अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है और पार्टी की बैठक भी बुलाई गई है. राउत ने कहा कि जो सांसद पाला बदलना चाहते हैं, उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि Maharashtra में सांसदों की खरीद-फरोख्त की जा रही है और भाजपा शिवसेना को तोड़ने का प्रयास कर रही है. हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों तक 15-15 करोड़ रुपये रात को ही पहुंचाए जा चुके हैं और वे चार्टर्ड विमान से रवाना हुए हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
सांसद संजय राउत ने आगे कहा, “ये सभी हमारी पार्टी के सदस्य, सांसद और प्रतिनिधि हैं, जिनके लिए हमारे कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बहुत लगन और त्याग के साथ काम किया है. हमने उन्हें टिकट दिए, चुनाव के लिए आर्थिक मदद की और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कोशिश की. इतनी कोशिशों के बाद भी अगर उनके बारे में ऐसी खबरें आ रही हैं, तो उन्हें सामने आकर साफ तौर पर इनका खंडन करना चाहिए. मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि यह स्थिति जारी नहीं रह सकती. अगर कोई छोड़ना चाहता है, तो उसे पहले इस्तीफा देना चाहिए. Maharashtra की जनता अब चुप नहीं बैठेगी.”
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “अगर कोई आकर कुछ भी कहता है, तो उससे कुछ नहीं होगा. पार्टी तो पार्टी होती है. यह सिर्फ़ सांसदों या विधायकों की बात नहीं है. सांसद और विधायक भी पार्टी कैडर का ही हिस्सा होते हैं. अब तक किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया है और न ही हमें बताया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं. किसी ने ऐसी कोई खबर नहीं दी है.”
संजय राउत ने एक्स पर लिखा, “एक चार्टर्ड विमान नांदेड़ हवाई अड्डे पर उतरता है. यह ‘ऑपरेशन टाइगर’ के गुप्त नाम से दो सांसदों को ले जाता है. उनके पास रिक्शा में यात्रा करने की भी हैसियत नहीं थी. फिर भी, ‘ठाकरे’ ब्रांड की बदौलत, उनका रुतबा इतना बढ़ गया कि वे निजी जेट में यात्रा कर सकें. हर एक चीज़ का हिसाब रखा जाएगा. इन कायर गीदड़ों की उड़ान के लिए, आप इन्हें ‘टाइगर’ क्यों कहते हैं?”
संजय राउत ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “मीडिया का तो कोई जवाब नहीं. नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे इंडस्ट्रीज़ कमिटी की मीटिंग में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं, लेकिन यहां जो ख़बरें चल रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. हिंगोली के सांसद नागेश अष्टेकर ने कहा, “मैं हिंगोली में हूं, लेकिन ये लोग मेरे दस्तख़त भी फर्जी बना सकते हैं! रही बात इन लोगों की तो जनता और शिव सैनिक इस बार उन्हें बिल्कुल नहीं बख़्शेंगे, यह तो पक्का है!”
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ओपी/एएस