विनेश फोगाट ने हार के बाद डब्ल्यूएफआई के प्रति जताई नाराजगी, कहा- बहुत जिद्दी और जुनूनी हूं, वापसी करूंगी

New Delhi, 30 मई . विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने का सपना टूट गया. Saturday को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, New Delhi में हुए चयन ट्रायल्स के दौरान महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के सेमी-फाइनल में मीनाक्षी गोयत के हाथों 4-6 से हार के साथ विनेश के एशियन गेम्स खेलने की उम्मीद टूट गई. हार के बाद 31 वर्षीय विनेश ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की.

से बात करते हुए विनेश ने कहा, “जब मैं हारी तो डब्ल्यूएफआई के अधिकारी खुश हो रहे थे. उन्हें अभी जश्न मनाने दो. मैं बहुत जिद्दी और जुनूनी हूं. ये हार मेरे इरादों को और मजबूत करती है. मैं वापसी करूंगी, और जब मैं वापसी करूंगी, तो अपने प्रदर्शन से हर उस इंसान का मुंह बंद कर दूंगी जिसे मुझ पर शक है. अभी तो महासंघ चाहता है कि मैं जल्दी मर जाऊं—कम से कम वे यही सोचते हैं.”

विनेश की इन टिप्पणियों से उनके और महासंघ के बीच चल रहे तनाव का पता चलता है. शुरू में उन्हें सिर्फ 50 किग्रा वर्ग में ही हिस्सा लेने की अनुमति थी, लेकिन बाद में Supreme Court के दखल और डब्ल्यूएफआई के भीतर हुई आपसी चर्चाओं के बाद उन्हें 53 किग्रा वर्ग के ट्रायल्स में भी हिस्सा लेने की अनुमति दे दी गई. हालांकि वह क्वालीफाई नहीं कर पाईं, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि उनका हार मानने का कोई इरादा नहीं है.

ट्रायल्स में विनेश की शुरुआत काफी जोरदार रही. लंबे ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करते हुए, उन्होंने अपने पहले ही मैच में ज्योति को 7-1 से हराया, और फिर एक बेहद रोमांचक क्वार्टर-फाइनल में निशु को 7-6 के बेहद करीबी अंतर से हराकर सेमी-फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. एशियन गेम्स में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंचकर, वह पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ सेमी-फाइनल में मीनाक्षी गोयत के खिलाफ उतरीं. हालांकि, एक कड़े मुकाबले में मीनाक्षी ने अपनी पकड़ बनाए रखी, और 6-4 से जीत हासिल करते हुए विनेश का सफर समाप्त कर दिया.

इस हार के साथ ही विनेश की वापसी की कोशिश और इस साल के आखिर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने का उनका सपना टूट गया. हार के साथ ही 31 साल की इस खिलाड़ी के लिए तनाव और भावनाओं से भरे 48 घंटे खत्म हो गए. इस अवधि में उन्हें Supreme Court और भारतीय कुश्ती महासंघ के दखल के बाद ट्रायल्स में हिस्सा लेने का मौका मिला था.

विनेश ने इन ट्रायल्स में तब हिस्सा लिया, जब उनके शामिल होने को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई थी. डब्ल्यूएफआई ने शुरू में उन्हें सिर्फ 50 किग्रा वर्ग तक ही सीमित रखा था, जिसका उन्होंने जोरदार विरोध किया. महासंघ के भीतर हुई चर्चाओं और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा उठाए गए कदमों के बाद, Saturday सुबह उन्हें 53 किग्रा में ट्रायल देने की अनुमति दी गई.

पीएके

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