
New Delhi, 3 मार्च . मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका दूतावास ने जॉर्डन और यरुशलम के लिए एडवाइजरी जारी की है. अमेरिका ने स्थानीय खबरों पर नजर रखने और इन दोनों देशों की यात्रा करने से पहले विचार करने को कहा है.
अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से जॉर्डन में 2 मार्च को गैर-आपातकालीन अमेरिकी Governmentी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. अमेरिकी दूतावास के कामकाज में बदलावों को दिखाने के लिए एडवाइजरी समरी को अपडेट किया गया. अमेरिकी दूतावास ने कहा कि आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के कारण जॉर्डन की यात्रा पर फिर से विचार करें.
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरान से ड्रोन एवं मिसाइल हमलों और कमर्शियल उड़ानों में बड़ी रुकावटों का खतरा बना हुआ है.
इसके अलावा अगर जाते हैं तो इमरजेंसी में निकलने का प्लान बनाएं जो अमेरिकी Government की मदद पर निर्भर न हो. क्राइसिस और इवैक्यूएशन पर हमारी जानकारी देखें. अपने आसपास का ध्यान रखें.
वहीं, येरुशलम को लेकर अमेरिकी दूतावास ने कहा, “इजरायल से निकलने वाले अमेरिकियों को निकालने या सीधे मदद करने की स्थिति में नहीं है. जब आप अपनी सुरक्षा योजना बना रहे हों तो आपकी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी दी गई है. इजरायली टूरिज्म मंत्रालय ने 2 मार्च से ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए शटल चलाना शुरू कर दिया है. शटल के लिए पैसेंजर लिस्ट में शामिल होने के लिए आपको मिनिस्ट्री के इवैक्युएशन फॉर्म के जरिए रजिस्टर करना होगा.”
यूएस एंबेसी ने कहा कि अमेरिकी दूतावास पर्यटन मंत्रालय के शटल के लिए कोई सिफारिश (पक्ष या विपक्ष में) नहीं कर सकती है. अगर आप निकलने के लिए इस ऑप्शन का फायदा उठाते हैं तो अमेरिकी Government आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती. यह जानकारी उन लोगों के लिए एक कर्टसी के तौर पर दी गई है जो इजरायल छोड़ना चाहते हैं.
इसके अलावा, फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी उपPresident जेडी वेंस ने कहा कि President को लगता है कि तेहरान के साथ लंबे समय तक बातचीत के बावजूद समय खत्म हो रहा है. उन्होंने कहा, “हमने गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नष्ट कर दिया था.”
उपPresident ने कहा कि Government का मकसद इसे कुछ समय के लिए रोकने से कहीं ज्यादा था. वेंस ने कहा, “ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन, चार साल तक देश को सिर्फ ईरानी न्यूक्लियर हथियार से सुरक्षित ही नहीं रखना चाहते थे, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न बना सके.”
वेंस ने कहा, ट्रंप ने अंदाजा लगाया कि ईरान अपने प्रोग्राम को आगे बढ़ाने पर तुला हुआ है और हर हाल में परमाणु हथियार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, तब अमेरिकी President ने ईरान पर एक्शन लेने का फैसला किया.”
विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस टिप्पणी पर कि अमेरिका आगे और कड़ा कदम उठा सकता है, इस बारे में सवाल पूछे जाने पर वेंस ने अमेरिकी सेना की क्षमता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाने की हमारी क्षमता कहीं अधिक है. साथ ही हम उन विभिन्न मिसाइलों को भी निशाना बना सकते हैं जो हमारे सैनिकों के लिए खतरा हैं. President के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं.
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केके/डीकेपी