
वाशिंगटन, 3 जुलाई . अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स ने ट्रंप प्रशासन से ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में किए गए उस बदलाव को वापस लेने की मांग की है, जिसे उन्होंने एक बड़ा नीतिगत परिवर्तन बताया है. उनका कहना है कि नई नीति के कारण ग्रीन कार्ड के पात्र आवेदकों को अमेरिका में रहकर अपना स्टेटस एडजस्ट करने के बजाय स्थायी निवास (परमानेंट रेजिडेंस) के लिए विदेश से आवेदन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के निदेशक जोसेफ एडलो को लिखे पत्र में सीनेटर एलेक्स पडिला, सीनेटर डिक डर्बिन, प्रतिनिधि जेमी रास्किन और प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स ने 21 मई को जारी यूएससीआईएस के नीति ज्ञापन पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि इस ज्ञापन में स्टेटस एडजस्टमेंट को “असाधारण प्रकार की राहत” बताया गया है और ऐसे नए विवेकाधीन मानदंड लागू किए गए हैं, जिन्हें कांग्रेस ने कभी अधिकृत नहीं किया.
सीनेटरों ने पत्र में लिखा, “हम स्टेटस एडजस्टमेंट से जुड़े आपके नए नीति ज्ञापन पर आपत्ति जताने के लिए लिख रहे हैं. स्टेटस एडजस्टमेंट एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रवासी अमेरिका के भीतर रहकर कानूनी स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “कानून में किसी आधार के बिना और दशकों पुरानी परंपरा से हटकर यह गाइडेंस अमेरिका में स्टेटस एडजस्टमेंट के बजाय विदेश में कॉन्सुलर प्रोसेसिंग को प्राथमिकता देता है. इसके तहत आवेदकों को देश के भीतर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नए और अस्पष्ट विवेकाधीन मानदंडों को पूरा करना होगा. हम आपसे आग्रह करते हैं कि इस नई नीति को वापस लें और स्टेटस एडजस्टमेंट आवेदनों पर कानून, लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया तथा कांग्रेस की मंशा के अनुरूप फैसला करें.”
लॉमेकर्स ने ज्ञापन के उस दावे को भी गलत बताया, जिसमें कहा गया है कि स्टेटस एडजस्टमेंट “प्रशासनिक विवेक और राहत का विषय है, जिसे इमिग्रेंट वीजा की सामान्य कॉन्सुलर प्रक्रिया पर प्राथमिकता देने के लिए नहीं बनाया गया.”
उन्होंने लिखा, “यह दावा पूरी तरह गलत है. कॉन्सुलर प्रोसेसिंग को कोई कानूनी प्राथमिकता प्राप्त नहीं है. विधायी इतिहास स्पष्ट करता है कि कांग्रेस लंबे समय से योग्य गैर-नागरिकों को अमेरिका में रहते हुए स्टेटस एडजस्ट करने की सुविधा देने के पक्ष में रही है.”
पत्र में कहा गया है कि स्टेटस एडजस्टमेंट की व्यवस्था 1952 के इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के तहत शुरू की गई थी और बाद में इसका विस्तार इसलिए किया गया, क्योंकि कई पात्र आवेदक पहले से ही अमेरिका में रह रहे थे. कांग्रेस की मंशा थी कि पात्र प्रवासी कुछ विशेष कानूनी अपवादों को छोड़कर देश छोड़े बिना ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें.
डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स ने इस नई शर्त की भी आलोचना की कि आवेदकों को यह साबित करना होगा कि अमेरिका में उनकी मौजूदगी राष्ट्रीय हित या आर्थिक लाभ से जुड़ी है. उनका कहना है कि ऐसा कोई परीक्षण कानून में मौजूद नहीं है और यह ज्ञापन कांग्रेस की मंजूरी के बिना एक नया मौलिक कानूनी मानदंड लागू करता है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नीति की प्रभावी तिथि, संक्रमण अवधि और लंबित आवेदनों पर इसके प्रभाव को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं.
पत्र के अनुसार, इस नीति से विदेशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इमिग्रेंट वीजा आवेदनों का दबाव बढ़ सकता है. मौजूदा वीजा अपॉइंटमेंट बैकलॉग के कारण आवेदकों को लंबे समय तक अपने पति या पत्नी, बच्चों और नियोक्ता से अलग रहना पड़ सकता है. लॉमेकर्स ने कहा कि इसका असर कुशल कामगारों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, चिकित्सा पेशेवरों और विदेशी प्रतिभा पर निर्भर व्यवसायों पर भी पड़ सकता है.
लॉमेकर्स ने यह नतीजा निकाला कि “एडज्यूडिकेटर को स्टेटस के एडजस्टमेंट को ‘राहत का एक असाधारण रूप’ मानने का निर्देश देकर और कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के लिए पॉलिसी प्रेफरेंस बनाकर, यह मेमोरेंडम उन मकसदों को कमज़ोर करता है जिन्हें कांग्रेस आईएनए के सेक्शन 245 को लागू करने और उसमें बदलाव करने के समय आगे बढ़ाना चाहती थी.”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने मॉडर्न इमिग्रेशन सिस्टम की नींव के तौर पर स्टेटस एडजस्टमेंट को बनाया ताकि परिवार में एकता, एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके. इंटरनल एजेंसी पॉलिसी के जरिए उस कानूनी फ्रेमवर्क को खत्म करने की कोई भी कोशिश मंजूर नहीं है.”
लेटर में यूएससीआईएस से नौ सवालों के जवाब देने को कहा गया है, जिसमें ये शामिल हैं कि पॉलिसी कब लागू होगी, इसमें कौन से आवेदक शामिल हैं, नेशनल इंटरेस्ट और आर्थिक लाभ को कैसे डिफाइन किया जाएगा, क्या एडज्यूडिकेटर को इम्प्लीमेंटेशन गाइडेंस मिली है और क्या एजेंसी ने नीति अपनाने से पहले राज्य विभाग से सलाह ली थी. इस पर दर्जनों डेमोक्रेटिक सीनेटर और हाउस मेंबर ने हस्ताक्षर किए थे.
स्टेटस एडजस्टमेंट से अमेरिका में पहले से मौजूद कई योग्य इमिग्रेंट्स को इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग के लिए विदेश जाए बिना कानूनी परमानेंट रेजिडेंस के लिए अप्लाई करने की इजाजत मिलती है. यह प्रक्रिया लंबे समय से फैमिली-स्पॉन्सर्ड, एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड और कुछ मानवीय इमिग्रेशन कैटेगरी के लिए अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का एक मेन फीचर रहा है.
ट्रंप Government ने अपने दूसरे टर्म में कानूनी इमिग्रेशन प्रक्रिया में कई बदलाव किए और कहा कि इमिग्रेशन बेनिफिट्स को ज्यादा सख्ती से और ज्यादा समझदारी से दिया जाना चाहिए.
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केके/एएस