अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा: ईरान के हमले नाकाम, मार ग‍िराए सभी ड्रोन और मिसाइलें

New Delhi, 3 जून . अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बीती रात ईरान की ओर से किए गए हमलों को नाकाम करने का दावा किया है. सेंटकॉम के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र के अन्य सैन्य ठिकानों पर किसी भी सफल हमले की पुष्टि नहीं हुई है. सभी ईरानी हमले विफल रहे.

यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “कुवैत में मौजूद अमेरिकी बलों पर हमला करने की कोशिश कर रहे ईरानी ड्रोन का एक और हमला आज रात नाकाम कर दिया गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड की एयर डिफेंस प्रणाली ने कई ड्रोन को मार गिराया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अमेरिकी सैनिक या संपत्ति को कोई नुकसान न हो.”

सेंटकॉम ने कहा, “ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का कहना है कि उसने मिसाइलों और ड्रोन की मदद से बहरीन में स्थित अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया. यह दावा गलत है. अमेरिकी बलों पर हुए सभी ईरानी हमले नाकाम रहे. अमेरिकी सेना सतर्क है और किसी भी बिना उकसावे वाली ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.”

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन में निशाना बनाया है. यह अभियान आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने अंजाम दिया.

सेपाह न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई.

आईआरजीसी ने दावा किया कि Tuesday देर रात एक अमेरिकी विमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा.

इसके जवाब में आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना ने एमएससी पनाया नामक एक जहाज पर मिसाइलें दागीं, जिसे उसने अमेरिका और इजरायल से जुड़े हितों वाला बताया.

बयान में आगे कहा गया कि इसके बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी क़ेश्म द्वीप पर स्थित आईआरजीसी के एक कम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया. इसके जवाब में ईरान ने एक क्षेत्रीय देश में स्थित अमेरिकी एयर और हेलीकॉप्टर बेस तथा अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.

एवाई/एएस

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