
Mumbai , 30 जून . दक्षिण और मध्य Mumbai में बिजली का संकट गहराने से Tuesday को Maharashtra विधानसभा में जबरदस्त सियासी हंगामा हुआ. अलग-अलग पार्टियों के विधायकों ने 8 से 12 घंटे तक बार-बार बिजली जाने को लेकर Government को घेरा.
विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से एक साथ हुए हमलों को देखते हुए स्थिति को गंभीरता से लिया. उन्होंने बृहन्Mumbai इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) से तुरंत जवाबदेही तय करने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई.
स्पीकर नार्वेकर ने बीईएसटी मैनेजमेंट को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि बिजली नेटवर्क में बार-बार खराबी आने से India की कमर्शियल और फाइनेंशियल राजधानी के तौर पर Mumbai की साख को भारी नुकसान पहुंचता है.
स्पीकर ने कंपनी की आलोचना करते हुए कहा कि वे क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बढ़े थर्मल स्ट्रेस (गर्मी का दबाव) को झेलने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को पहले से अपग्रेड करने में नाकाम रहे.
उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड और मजबूत करने का काम बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था. उन्होंने बीईएसटी अधिकारियों को भविष्य में बिजली सप्लाई बेहतर करने के लिए रोडमैप देने का निर्देश दिया.
स्पीकर ने बीईएसटी से तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए उठाए गए कदमों और कॉल सेंटर में रिस्पॉन्स टाइम पर रिपोर्ट भी मांगी.
उन्होंने शहर के चुने हुए प्रतिनिधियों, बीईएसटी के जनरल मैनेजर, बृहन्Mumbai म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) कमिश्नर, कंपनी के सीनियर अधिकारियों और राज्य Government के अधिकारियों की विधान भवन में एक जरूरी बैठक बुलाई है. उन्होंने प्रशासन को ग्रिड ठीक करने के लिए एक विस्तृत और समय-सीमा वाला रोडमैप पेश करने का निर्देश दिया.
यह सियासी हंगामा कांग्रेस विधायक अमीन पटेल (मुंबादेवी) और भारतीय जनता पार्टी के विधायक कैप्टन आर. तमिल सेल्वन (सायन कोलीवाड़ा) द्वारा संयुक्त रूप से लाए गए ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ पर तीखी बहस के दौरान हुआ.
सेल्वन ने प्रशासन से तुरंत और असरदार कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि बिना सूचना के बिजली सप्लाई ठप होने से आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों को भारी आर्थिक और शारीरिक नुकसान हो रहा है.
कांग्रेस के पटेल ने टॉप मैनेजमेंट की घोर लापरवाही पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कटौती के दौरान न तो बीईएसटी के जनरल मैनेजर और न ही सीनियर इंजीनियर जन प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देते हैं.
कांग्रेस विधायक ने कहा कि बीईएसटी भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है, जिससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जरूरी फंड की भारी कमी हो गई है. भीषण गर्मी के बीच लोगों को हुई परेशानी और कामकाज में लापरवाही का जिक्र करते हुए, पटेल ने पुरानी हो चुकी जमीन के नीचे बिछी केबलों में खराबी का पता लगाने और उन्हें ठीक करने में होने वाली सिस्टम की देरी की कड़ी आलोचना की.
उन्होंने मांग की कि बीईएसटी तुरंत मोबाइल जनरेटर यूनिट्स की एक फ्लीट तैनात करे ताकि अस्थायी रूप से बिजली बहाल की जा सके और खराबी ठीक करने में लगने वाले समय को कम करने के लिए एडवांस्ड फॉल्ट-फाइंडिंग टेक्नोलॉजी अपनाई जाए.
संकट की गंभीरता को बताने के लिए, पटेल ने हैरान सदन को बताया कि अचानक बिजली ट्रिप होने की घटना के बाद Samajwadi Party के विधायक रईस शेख ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक लिफ्ट में फंसे रहे.
राज्य Government की ओर से जवाब देते हुए, शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने माना कि बिजली लोड में भारी बढ़ोतरी के कारण बड़े पैमाने पर ट्रिपिंग और सप्लाई में रुकावटें आईं. हालांकि, मिसल ने सदन को भरोसा दिलाया कि Government ने विधायकों की नाराजगी को गंभीरता से लिया है और बीईएसटी अभी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड और आधुनिक बनाने के लिए हाई-प्रायोरिटी वाले उपाय लागू कर रहा है.
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एएसएच/पीएम