न्यूजीलैंड में भी यूपीआई का स्वागत, भारतीय अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण में निभाएगा अहम भूमिका: ट्रेड मंत्री टॉड मैक्ले

ऑकलैंड, 10 जुलाई . India के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का वैश्विक विस्तार लगातार बढ़ रहा है. इसी कड़ी में न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने Friday को कहा कि उनका देश India की स्वदेशी क्यूआर-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का स्वागत करने के लिए तैयार है. उनका मानना है कि यह प्रणाली न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
न्यूज एजेंसी से बातचीत में टॉड मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड एक खुली अर्थव्यवस्था है और वहां आने वाली हर तकनीक को देश के नियमों के अनुरूप होना होता है. उन्होंने कहा कि यूपीआई के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं होगी.
उन्होंने कहा, “यूपीआई निश्चित रूप से न्यूजीलैंड आ सकता है. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आज बेहद महत्वपूर्ण है. हम अपनी अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण कर रहे हैं. हम दुनिया के लिए पूरी तरह खुले हैं और India के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस प्रक्रिया को आसान और अधिक भरोसेमंद बनाता है.”
मैक्ले ने कहा कि India और न्यूजीलैंड के बीच कारोबारी संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) सहयोग और निवेश में तेजी देखने को मिलेगी.
उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड India में निवेश बढ़ाना चाहता है और India भी न्यूजीलैंड में निवेश करेगा. आने वाले समय में दोनों देशों के कारोबारियों के बीच इस तरह की बातचीत और बढ़ेगी.”
पिछले महीने के अंत में ग्रीस में भी यूपीआई सेवा शुरू की गई थी. इसके जरिए ग्राहक तेज, सुरक्षित और कम लागत में अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण कर सकते हैं.
वर्तमान में यूपीआई दुनिया के रियल-टाइम डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली बन चुका है. फिलहाल यूपीआई करीब नौ देशों में व्यापारी भुगतान और सीमा-पार धन हस्तांतरण के लिए उपलब्ध है.
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरे के बीच टॉड मैक्ले ने कहा कि India और न्यूजीलैंड दोनों देश आपसी संपर्क (कनेक्टिविटी) को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नई शिपिंग सेवाएं शुरू होंगी और समुद्री व्यापार मार्गों को और मजबूत किया जाएगा.
मैक्ले ने कहा, “मध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ रहा है. हम चाहते हैं कि शांति बनी रहे और सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकले.”
उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच कारोबार को अधिक स्थिरता और भरोसा देता है.
उन्होंने कहा, “सप्लाई चेन में चुनौतियां हमेशा रहती हैं, लेकिन India और न्यूजीलैंड ने आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. आने वाले समय में दोनों देशों के बीच शिपिंग रूट और मजबूत होंगे तथा उनकी संख्या भी बढ़ेगी.”
पिछले कुछ वर्षों में India और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है. दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल 2026 को हुए एफटीए का उद्देश्य इस व्यापार को और बढ़ाना तथा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है.
वर्ष 2019-20 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 90 करोड़ डॉलर था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
इस दौरान India का निर्यात 37.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 71.1 करोड़ डॉलर हो गया, जबकि न्यूजीलैंड से India का आयात 52.2 करोड़ डॉलर से बढ़कर 58.7 करोड़ डॉलर रहा.
टॉड मैक्ले ने यह भी बताया कि एयर न्यूजीलैंड India में अपने तीन नए कार्यालय खोलेगी, ताकि दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को बढ़ावा दिया जा सके.
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच उड़ानों में सहयोग के लिए न्यूजीलैंड के वाणिज्यिक नियामक से अनुमति मांगी है.
मैक्ले ने कहा, “जब दुनिया के अन्य हिस्सों में अनिश्चितता बढ़ रही है, ऐसे समय में India और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों को एक-दूसरे पर अधिक भरोसा करते हुए सहयोग बढ़ाने का अवसर देता है.”
उन्होंने बताया कि इस एफटीए के तहत India से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क (टैरिफ) समाप्त कर दिया गया है. वहीं, न्यूजीलैंड से India आने वाले 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क या तो पूरी तरह खत्म कर दिया गया है या उसमें बड़ी कटौती की गई है.
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