
हापुड़, 21 दिसंबर . नेह नीड फाउंडेशन के पांचवें सालाना कार्यक्रम में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने Political मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. ब्रजघाट में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर सलाह दी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला.
आचार्य प्रमोद ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे बिना वजह Prime Minister Narendra Modi के फैसलों का विरोध करते हैं और देश को अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
बिहार के हिजाब विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने Chief Minister नीतीश कुमार का बचाव किया. उन्होंने कहा, “Chief Minister राज्य के अभिभावक होते हैं, पिता की तरह. अगर कोई पिता अपनी बेटी से मिलते समय भी बहुत ज्यादा औपचारिकता बरते, तो पिता-बेटी के रिश्ते की पवित्रता खराब होती है. एक पिता के तौर पर नीतीश कुमार ने बस अपनी बेटी का घूंघट छुआ या ठीक किया. इस पर हंगामा करने की कोई जरूरत नहीं है.” उन्होंने इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दिए जाने की आलोचना की और कहा कि ऐसे विवाद Political लाभ के लिए उछाले जाते हैं.
मस्जिद और चर्च निर्माण के मुद्दे पर बोलते हुए आचार्य प्रमोद ने स्पष्ट किया कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा, “हमें मस्जिद या चर्च बनने से कभी कोई आपत्ति नहीं रही है. पहले से ही हजारों मस्जिदें हैं. एक और बनने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. हालांकि, मस्जिद हमलावरों या लुटेरों के नाम पर नहीं बननी चाहिए.”
उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक स्थलों का निर्माण शांतिपूर्ण उद्देश्यों से होना चाहिए, न कि ऐतिहासिक आक्रांताओं के नाम पर. India में विविधता बनाए रखना जरूरी है.
कोडीन कफ सिरप मामले पर अखिलेश यादव के बयान की प्रतिक्रिया में आचार्य प्रमोद ने सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव एक पढ़े-लिखे और काबिल इंसान हैं. हालांकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में आने के बाद से उन्होंने भी बेतुके और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना शुरू कर दिया है. ऐसा लगता है कि राहुल गांधी का असर अखिलेश यादव के सिर पर चढ़ गया है. 2027 के चुनाव आ रहे हैं, और अखिलेश यादव को भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को समझते हुए उनकी तैयारी करनी चाहिए और समाजवादी विचारधारा को ज़िम्मेदार और सही तरीके से पेश करना चाहिए.”
उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “विपक्ष India को बांग्लादेश बनाना चाहता है, और यह India के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है. वे बिना किसी सही वजह के Prime Minister Narendra Modi द्वारा लिए गए फैसलों की आलोचना और विरोध करते हैं. मुझे डर है कि अगर Prime Minister एक दिन कहें कि सूरज पूरब से उगता है, तो राहुल गांधी और उनकी टीम कहेगी कि Prime Minister गलत हैं. उनकी आलोचना रचनात्मक नहीं है. वे Prime Minister मोदी से नफरत करते हैं. जब Prime Minister मोदी राष्ट्रीय हित में फैसले लेते हैं, तो वे उनका विरोध करते हैं. वे संसद को कबड्डी का मैदान बनाना चाहते हैं और इस देश को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं.”
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एससीएच