
New Delhi, 22 अगस्त . भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने अभिभावकों और संरक्षकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) समय रहते पूरा करा लें. यूआईडीएआई के अनुसार, 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आधार बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा 30 सितंबर तक पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है. इसके बाद इस सुविधा को आगे बढ़ाने या शुल्क लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है.
यूआईडीएआई ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए कहा है कि बच्चों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है. यह अपडेट स्कूल में प्रवेश, परीक्षाओं, छात्रवृत्ति आवेदन और विभिन्न Governmentी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान पहचान सत्यापन को आसान बनाता है. प्राधिकरण ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम समय तक इंतजार न करें और जल्द से जल्द नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कराएं.
यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार, जब किसी बच्चे का आधार पांच वर्ष की आयु से पहले बनता है, तब उसमें केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी और फोटो दर्ज की जाती है. उस समय बच्चे के फिंगरप्रिंट और आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन नहीं लिए जाते, क्योंकि कम उम्र में ये बायोमेट्रिक पहचान लगातार विकसित हो रही होती है.
इसी कारण बच्चे के पांच वर्ष का होने पर पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट किया जाता है. इसके बाद 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट आवश्यक होता है, ताकि उसका आधार रिकॉर्ड अद्यतन और सटीक बना रहे.
आधार India में पहचान सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है. छात्रों के लिए इसका उपयोग स्कूल में प्रवेश, बोर्ड परीक्षाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, Governmentी सहायता कार्यक्रमों और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं में किया जाता है.
समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने की स्थिति में भविष्य में पहचान सत्यापन से जुड़ी परेशानियां आ सकती हैं. इसलिए यूआईडीएआई लगातार अभिभावकों को इस संबंध में जागरूक कर रहा है.
यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया था. इस अभियान के तहत अब तक देशभर में लगभग 2 करोड़ बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट पूरे किए जा चुके हैं.
प्राधिकरण के अनुसार, यह अभियान 1.56 लाख से अधिक स्कूलों तक पहुंच चुका है और इसका उद्देश्य अधिकतम बच्चों को इस सुविधा से जोड़ना है. इसी पहल के तहत 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क में छूट दी गई थी, जिसे वर्तमान में 30 सितंबर तक बढ़ाया गया है.
यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक नजदीकी आधार केंद्रों पर जाकर बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निशुल्क कराया जा सकता है. हालांकि इस समयसीमा के बाद शुल्क माफी जारी रहेगी या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
ऐसे में अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम दिनों की भीड़ से बचते हुए जल्द से जल्द अपने बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कराएं.
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डीबीपी