
गुवाहाटी, 30 मई . असम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने Saturday को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
सैकिया ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए याद दिलाया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने वादा किया था कि अगर पार्टी राज्य में सत्ता में वापस आती है, तो वह यूसीसी लागू करेगी. उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को अपनी राय रखने का मौका दिया गया था और उचित चर्चा और विचार-विमर्श के बाद असम विधानसभा में यूसीसी पारित किया गया.”
उन्होंने कहा कि यूसीसी का मतलब ‘सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक राष्ट्र, एक कानून और एक पहचान’ है. हम पूरे देश में अपनी विविध संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखेंगे.
“एक देश में दो संविधान, दो Prime Minister और दो झंडे नहीं हो सकते”, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस कथन का जिक्र करते हुए सैकिया ने कहा कि देश में केवल एक तरह के पर्सनल लॉ (निजी कानूनों) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.”
उन्होंने कहा कि इस बिल का पारित होना देश के लिए महत्वपूर्ण है. असम भाजपा प्रमुख ने कहा कि यूसीसी देश में महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. यह बिल यह भी सुनिश्चित करेगा कि सभी नागरिकों को एक ही कानून के तहत न्याय मिले.
प्रस्तावित कानून का उद्देश्य धर्म की परवाह किए बिना, शादी, तलाक, विरासत, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों पर एक समान नागरिक ढांचा स्थापित करना है. यह बिल बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का भी प्रस्ताव करता है. हालांकि विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों ने इस कानून के कुछ प्रावधानों और छूटों पर चिंता जताई है.
यूसीसी बिल, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए Union Minister सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था कि यह राज्य में सामाजिक न्याय, समानता और सुशासन का एक नया युग लाएगा.
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एएसएच/वीसी