कोलकाता आग हादसा: ‘वाओ मोमो’ के दो वेयरहाउस अधिकारी गिरफ्तार

कोलकाता, 30 जनवरी . कोलकाता Police ने Friday को बताया कि फैक्ट्री-कम-वेयरहाउस में लगी भीषण आग की जांच कर रही टीम ने ‘वाओ मोमो’ के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है.

गिरफ्तारी Thursday देर रात हुई और दोनों लोगों की पहचान मोमोरंजन सिट और राजा चक्रवर्ती के रूप में हुई है. मोमोरंजन फैक्ट्री-कम-वेयरहाउस का मैनेजर है, जबकि राजा चक्रवर्ती उस आउटलेट का डिप्टी मैनेजर है.

Police अधिकारियों ने बताया कि दोनों अभी स्थानीय नरेंद्रपुर Police स्टेशन में हैं और जांच अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं. यह बात दक्षिण 24 परगना जिले की Police के एक अधिकारी ने कन्फर्म की, जिसके अधिकार क्षेत्र में यह फैक्ट्री-कम-वेयरहाउस आता है.

एक जिला Police अधिकारी ने कहा, “Police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 25 जनवरी की आधी रात को जब आग लगी, तो वे कहां थे. हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या उनकी तरफ से कोई लापरवाही हुई थी, जिसकी वजह से इतनी भयानक आग लगी और इतने सारे लोगों की जान चली गई.”

चक्रवर्ती और सिट की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या तीन हो गई है. इससे पहले, वाओ मोमो फैक्ट्री के पास मौजूद पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया गया था.

Thursday को राज्य अग्निशमन सेवा विभाग और फोरेंसिक टीम ने घटना पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कहा गया कि आग वाओ मोमो फैक्ट्री से नहीं, बल्कि पास के पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम से लगी थी.

हालांकि पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम के मालिक गंगाधर ने इन आरोपों से साफ इनकार किया और दावा किया कि आग सबसे पहले मोमो फैक्ट्री से फैली थी.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में राज्य प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. Friday दोपहर को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी आनंदपुर इलाके में एक विरोध रैली निकालेंगे. शुरुआत में Police ने विरोध रैली करने की इजाजत नहीं दी थी. हालांकि बाद में उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट से इजाजत मिल गई, जिसने कुछ शर्तें भी लगाईं.

एसएके/वीसी

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