
कोलकाता, 8 अगस्त . तृणमूल कांग्रेस छोड़कर हाल ही में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए सांसद खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने Saturday को पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय नबान्ना में मुलाकात की.
दोनों मुर्शिदाबाद जिले से Lok Sabha सांसद हैं. दोनों ही नेता एनसीपीआई के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सहयोगी बनने के पक्ष में नहीं हैं.
इसके बावजूद दोनों नेता Friday को New Delhi में Prime Minister Narendra Modi के आवास पर आयोजित बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें तृणमूल कांग्रेस से एनसीपीआई में आए सभी 20 Lok Sabha सांसद मौजूद थे.
ऐसे में Saturday को Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के साथ हुई यह बैठक राज्य के Political गलियारों में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
हालांकि, रहमान और खान के साथ मुर्शिदाबाद जिले के तीसरे अल्पसंख्यक सांसद और क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान ने भी स्पष्ट किया है कि भले ही वे एनसीपीआई के भाजपा के साथ एनडीए में शामिल होने के विरोधी हैं, लेकिन अपने-अपने Lok Sabha क्षेत्रों के विकास के लिए वे वर्तमान सुवेंदु अधिकारी Government के साथ समन्वय बनाए रखेंगे.
Saturday की बैठक का मुख्य एजेंडा विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने और उन मामलों में ट्रिब्यूनल के फैसलों में हो रही देरी का मुद्दा था.
गौरतलब है कि Friday को तृणमूल कांग्रेस के ‘बागी’ गुट, जिसे निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी नेतृत्व कर रहे थे, इसके एक प्रतिनिधिमंडल ने नबान्ना में Chief Minister सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी.
उस बैठक में भी प्रतिनिधिमंडल ने यही मुद्दा उठाया था और Chief Minister से हस्तक्षेप करने की मांग की थी.
Chief Minister सुवेंदु अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए उनकी अगुवाई वाली राज्य Government इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जिन लोगों के मामले ट्रिब्यूनल में विचाराधीन हैं, उन्हें किसी भी सामाजिक कल्याण योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा.
Chief Minister ने यह भी दोहराया कि जिन लोगों के नाम एसआईआर के बाद मतदाता सूची से हटाए गए हैं और जिन्होंने अब तक ट्रिब्यूनल में आवेदन नहीं किया है, उन्हें Governmentी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा.
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एएमटी/डीकेपी