
Bhopal , 30 जून . दहेज के कारण हुई मौत की शिकार ट्विशा शर्मा के पिता और भाई ने Tuesday को Police पर ‘किसी और के आदेश’ मानने और ‘कहानी गढ़ने’ का आरोप लगाया.
यह आरोप Madhya Pradesh के Police कमिश्नर कैलाश मकवाना और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ Police (एसीपी) द्वारा पीड़िता की ससुराल में हुई चोरी के बारे में दिए गए ‘विरोधाभासी’ बयानों के बाद लगाया गया.
इससे पहले Tuesday को, Bhopal की एक अदालत ने बचाव पक्ष की उस मौखिक अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को हाल ही में हुई चोरी के सिलसिले में अपने घर जाने की इजाजत मांगी गई थी. अदालत ने कहा कि ऐसी मांग पर केवल औपचारिक लिखित अर्जी के जरिए ही विचार किया जा सकता है.
ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा ने से बात करते हुए कहा, “चोरी बिल्कुल आखिरी समय पर हुई, और उसमें न सिर्फ गहने बल्कि कागजात भी चोरी हुए. हैरानी की बात है कि जो सदस्य नीचे सो रहे थे, उन्हें भनक तक नहीं लगी कि चोर घर में घुस आए और उन्होंने लोहे की अलमारी और लॉकर भी तोड़ दिए. ये बातें हमारी तरफ से नहीं, बल्कि बचाव पक्ष के वकील ने बताई हैं.”
Police पर तंज कसते हुए ट्विशा के भाई ने कहा, “पहले हम उन्हें (Police को) First Information Report न लिखने, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वगैरह के लिए नाकाबिल समझते थे, लेकिन जब आप पूरी तस्वीर देखते हैं, तो साफ तौर पर काबिलियत भरी कोशिशें दिखती हैं. अपनी इज्जत की परवाह किए बिना आदेश मानने के लिए उन्हें अवॉर्ड दिया जाना चाहिए.”
उन्होंने आरोप लगाया, “असल में Police चोरी होने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी और कागजात लेकर भाग रहे चोरों को पकड़ लिया था. हालांकि, Police कमिश्नर और एसीपी ने जो बयान दिए हैं, वे एक-दूसरे से अलग हैं.”
उन्होंने कहा, “हमें अभी भी नहीं पता कि कितने चोर थे, उन्होंने क्या-क्या चुराया और क्या जब्त किया गया. मुझे लगता है कि उन्हें अपनी कहानी गढ़ने के लिए कुछ समय चाहिए.”
पीड़िता के भाई ने कहा कि सिस्टम आरोपियों की मदद कर रहा है, इसलिए न्याय मिलना मुश्किल लग रहा है. फिर भी, हमें उम्मीद है.”
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा कि इस चोरी की घटना के बारे में चार अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग बातें बताई हैं “पहले मीडिया ने, फिर एसीपी ने, Police कमिश्नर ने और आखिर में आज कोर्ट की सुनवाई के दौरान वकील ने.”
उन्होंने पूछा, “तो हम इनमें से किसे सही मानें?”
ट्विशा के पिता ने यह भी कहा, “यह एक अजीब चोरी थी, जिसमें चोर दस्तावेज चुराने आए थे, और वह भी एक तरह से Police की निगरानी में, क्योंकि उस समय Police टीम गश्त कर रही थी.”
उन्होंने दावा किया, “Police ने चोरों को पकड़ा और बाद में उन्हें छोड़ दिया.”
नवनिधि शर्मा ने इस मामले की गहन जांच की मांग की. इसके अलावा, ‘संस्थागत पक्षपात’ का आरोप लगाते हुए शर्मा ने Police पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया, “Police काबिल है, इसीलिए वे जरूरत पड़ने पर आरोपियों को पकड़ती है और जब जरूरी नहीं लगता तो दोषियों को गिरफ्तार नहीं करती. हम पहले दिन से ही यह जानना चाहते हैं कि वे किसके आदेशों का पालन कर रहे हैं.”
उन्होंने यह भी मांग की कि “निष्पक्षता और पारदर्शिता” के लिए इस मामले को दिल्ली ट्रांसफर किया जाए.
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एएसएच/डीकेपी