
जकार्ता, 15 अगस्त . इंडोनेशिया के फ्लोरेस आइलैंड के तट पर Saturday सुबह 7.7 तीव्रता का भूकंप आया. देश की मौसम विज्ञान, क्लाइमेटोलॉजी और जियोफिजिक्स एजेंसी (बीकेएमजी) ने यह जानकारी दी.
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीकेएमजी ने बताया कि भूकंप का सेंटर ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के मबे से 36 किमी उत्तर-पूर्व में, 15 किमी की गहराई में था. बीकेएमजी ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है.
स्थानीय मीडिया ने बताया कि कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे घबराए हुए कई लोग सुरक्षित जगह के लिए सड़कों पर भागे. किसी के हताहत होने की तुरंत कोई खबर नहीं है. शुरुआती झटके के बाद उसी इलाके में तेज झटके आए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.1 थी.
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (बीकेएमजी) ने चेतावनी दी कि भूकंप से सुनामी लहरें उठने की संभावना है.
बीकेएमजी के भूकंप और सुनामी डायरेक्टर विजयंतो ने कहा, “सुनामी मॉडलिंग के नतीजों से पता चलता है कि इस भूकंप से ईस्ट नुसा तेंगारा, साउथ सुलावेसी और वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांतों में सुनामी आने की संभावना है.”
इंडोनेशिया पैसिफिक ‘रिंग ऑफ फायर’ पर है और यहां 120 से ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो इसे दुनिया के सबसे ज्यादा ज्वालामुखी वाले देशों में से एक बनाता है.
इंडोनेशिया के खतरनाक भूकंपों के इतिहास में 2004 में आया 9.1 तीव्रता का एक विनाशकारी झटका भी शामिल है, जो सुमात्रा के तट पर आया था और जिससे सुनामी आई थी. पूरे इलाके में 220,000 लोग मारे गए थे. इंडोनेशिया में लगभग 170,000 लोग मारे गए थे.
2018 में, इंडोनेशिया के लोम्बोक द्वीप पर एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद अगले कुछ सप्ताह में कई झटके आए. इस आपदा में लोम्बोक और पड़ोसी सुंबावा में 550 से ज्यादा लोग मारे गए. ये दोनों ही मशहूर पर्यटन स्थल हैं.
उसी वर्ष बाद में, सुलावेसी में एक और बड़ी आपदा आई. आइलैंड पर 7.5 की तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पालू में भयानक सुनामी आई. इस आपदा में 4,300 से ज्यादा लोग मारे गए या लापता बताए गए.
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पीएके