‘विश्वास नहीं तोड़ा जा सकता’: कांग्रेस के सैफुद्दीन सोज ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग की

श्रीनगर, 2 जुलाई . वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व Union Minister सैफुद्दीन सोज ने Thursday को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग की. उन्होंने क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र Government को यह समझाने को कहा कि वह उस ‘विश्वास’ को नहीं तोड़ सकती जो एक मुस्लिम-बहुसंख्यक राज्य ने हिंदू-बहुसंख्यक देश में शामिल होते समय रखा था.

कांग्रेस नेता सोज Prime Minister Narendra Modi और उनके Pakistanी समकक्ष शहबाज शरीफ को दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने के लिए पत्र लिखने वाले 117 हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्षों का समाधान केवल संवाद के माध्यम से हो सकता है, युद्ध से नहीं.

से बात करते हुए सोज ने कहा कि मैं उन लोगों में से हूं जो मानते हैं कि युद्ध का कोई उद्देश्य नहीं होता. अंततः, संवाद ही एकमात्र रास्ता है. हमने यूरोपीय देशों में भी युद्ध देखे हैं, लेकिन अंत में, वे भी समझौतों पर पहुंचे.

उन्होंने आगे कहा कि युद्ध के माहौल में बातचीत संभव नहीं है.

कांग्रेस नेता ने जोर देते हुए कहा कि इसी कारण मैंने उन लोगों के साथ पत्र पर हस्ताक्षर किए. Pakistan हमारा पड़ोसी है और हमें बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए.

जम्मू-कश्मीर Government द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की मांग पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सोज ने कहा कि अनुच्छेद 370 हमारी आंतरिक स्वायत्तता का प्रतीक है. मुझे अब भी उम्मीद है कि यहां की सबसे बड़ी Political पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), अपनी पार्टी और कांग्रेस एकजुट होकर हमारी आंतरिक स्वायत्तता की बहाली के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगी. अनुच्छेद 370 को निरस्त करना केंद्र Government की गलती थी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के अनुसार, केंद्र Government के पास अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का अधिकार नहीं था.

सोज ने कहा कि इसलिए, जम्मू-कश्मीर विधानसभा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, अपनी पार्टी और अन्य Political दलों की यह जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त रूप से केंद्र Government से संपर्क करें और समझाएं कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र ने हिंदू बहुल देश में शामिल होने का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि India एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है जो सहिष्णुता में विश्वास रखता है.

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि एक मुस्लिम बहुल राज्य ने हिंदू बहुल देश में विश्वास के आधार पर विलय स्वीकार किया था, जिसे केंद्र ने तोड़ दिया है. यदि वे सोचते हैं कि वे सैन्य और अर्धसैनिक बलों का उपयोग करके लोगों को जबरदस्ती चुप करा सकते हैं, तो यह अज्ञानता है और यह गलत है.

केंद्र से जम्मू और कश्मीर की स्वायत्तता बहाल करने का आग्रह करते हुए सोज ने कहा कि उन्हें (अपना निर्णय) हम पर थोपना नहीं चाहिए.

एमएस/

Leave a Comment