ट्रंप का बड़ा दावा-सप्ताह के अंत तक हो सकता है ईरान से समझौता, परमाणु सामग्री भी होगी नष्ट

वॉशिंगटन, 4 जून . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो होर्मुज स्‍ट्रेट तुरंत को खोल दिया जाएगा. उनके इस बयान को ईरान के साथ चल रही बातचीत में प्रगति का संकेत माना जा रहा है.

ट्रंप ने यह बात Wednesday (स्थानीय समयानुसार) व्हाइट हाउस में कही. उन्होंने बताया कि उनकी Government हाल की सैन्य झड़पों और कूटनीतिक बातचीत के बाद ईरान के साथ एक नया समझौता करने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, “समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्‍ट्रेट खुल जाएगा और बहुत जल्दी खुल जाएगा.”

ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पहले ही इस क्षेत्र में बारूदी सुरंगें (माइंस) हटाने की व्यवस्था कर दी है और ज्यादातर संदिग्ध सुरंगों को साफ कर दिया गया है.

होर्मुज स्‍ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों से जोड़ता है. दुनिया के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट कई देशों के लिए चिंता का विषय बन जाती है, जिनमें India भी शामिल है.

ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले कुछ दिनों में समझौता हो सकता है. जब उनसे पूछा गया कि समझौता कब तक हो सकता है तो उन्होंने जवाब दिया, “अगर यह होता है तो शायद इसी सप्ताह के अंत तक हो सकता है.”

President ट्रंप ने कई बार दोहराया कि इस पूरी बातचीत का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके. उन्होंने कहा है क‍ि ‘हम परमाणु हथियार या बम नहीं रखेंगे. हम इसे विकसित नहीं करेंगे और न ही खरीदेंगे.’

ट्रंप के अनुसार, यही वह मुख्य वादा है जो अमेरिका ईरान से इस समझौते के तहत चाहता है. उन्होंने कहा क‍ि हमारे समझौते के तहत ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख पाएगा.

अपने एक महत्वपूर्ण बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर ईरान के परमाणु स्थलों पर बची हुई परमाणु-संबंधी सामग्री को हटाने और नष्ट करने का काम कर सकते हैं.

ट्रंप ने कहा, “फिलहाल स्थिति यह है कि हम वहां जल्‍द ही जाएंगे. इस समय यह तय हो चुका है कि हम उनके साथ मिलकर वहां जाएंगे, उस सामग्री को हासिल करेंगे और उसे नष्ट कर देंगे. उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.”

उन्होंने कहा क‍ि बी-2 बॉम्बर्स ने ऐसा काम किया है जैसा शायद किसी ने पहले कभी नहीं देखा होगा. ट्रंप ने दावा क‍िया कि इन हमलों से ईरान के परमाणु ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि अगर कोई परमाणु सामग्री बची भी है, तो उसे ढूंढना और वहां तक पहुंचना आसान नहीं होगा, लेकिन फिर भी वह चाहते हैं कि भविष्य के किसी समझौते के तहत उसे हटाकर नष्ट कर दिया जाए.

हालांकि ट्रंप ने माना कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी काफी ज्यादा है, लेकिन उनका कहना था कि हाल की घटनाओं और जवाबी कार्रवाइयों से बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

President ट्रंप ने एक ऐसे कूटनीतिक संपर्क का भी खुलासा किया जिसे उन्होंने अभूतपूर्व बताया. यह संपर्क ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिज्‍बुल्लाह से जुड़ा था.

ट्रंप ने कहा क‍ि हमने पहली बार हिज्‍बुल्लाह से बात की है. उन्होंने कल सहमति दी कि वे गोलीबारी नहीं करेंगे और इजरायल भी गोलीबारी नहीं करेगा. अब हम देखेंगे कि आगे क्या होता है.

ट्रंप ने इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू को एक बेहतरीन साझेदार बताया और कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई ने क्षेत्र में बड़े संकट को रोकने में मदद की है.

एवाई/वीसी

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