
अगरतला, 12 दिसंबर . त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने Friday को कहा कि राज्य Government कल्याणपुर बाजार कॉलोनी नरसंहार मामले को फिर से खोलने की अनुमति के लिए हाई कोर्ट का रुख करेगी, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके.
कल्याणपुर बाजार कॉलोनी (जिला ख्वाई) में 12 दिसंबर 1996 की रात हुए इस सामूहिक हत्याकांड में 26 निर्दोष लोगों बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष की उग्रवादियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. Chief Minister ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज भी बुजुर्ग लोग उस भयावह रात को याद करते हैं.
Chief Minister साहा ने आरोप लगाया कि उस समय की कम्युनिस्ट पार्टी जिम्मेदार थी. उन्होंने कहा, “मैं उन शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं और उनसे शक्ति मांगता हूं कि मैं न्याय के लिए लड़ सकूं. सभी जानते हैं कि इसके जिम्मेदार कौन थे.” उन्होंने कम्युनिस्टों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके लिए ‘कम्युनिस्ट’ शब्द हत्या, बलात्कार, आतंक और जनता का दमन करने का पर्याय बन गया है.
सीएम ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि विधानसभा में सीपीआई(एम) के 10 विधायक कैसे चुनकर आ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) और उसकी फ्रंटल संस्था गणमुख्ति परिषद के कैडर स्थानीय पार्टियों में शामिल होकर अस्थिरता पैदा कर रहे हैं तथा इनका संचालन अगरतला स्थित लाल भवन से हो रहा है.
उन्होंने बताया कि एक सूची तैयार की जा रही है और Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा इस पर काम कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को छोड़ा नहीं जाएगा.
साहा ने कहा कि राज्य में शांति कायम रखना Government की प्राथमिकता है. उन्होंने दावा किया कि दक्षिण त्रिपुरा जिले में सीपीआई(एम) शासनकाल में 69 लोगों की हत्या हुई थी और एटीटीएफ (ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स) उग्रवादी संगठन ने अलग-अलग वर्षों में कई हत्याएं कीं.
सीएम ने बताया कि Prime Minister मोदी के कार्यकाल में ईशान्य क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए अब तक 12 समझौते किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से कई उग्रवादियों को मुख्यधारा में लाया गया है.
उन्होंने कहा कि जो आतंकवादी लोगों की हत्या, बलात्कार और हिंसा में शामिल थे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. कुछ आतंकवादी आज भी मुखौटा पहनकर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, लेकिन Government उन्हें सजा दिलाने का प्रयास करेगी.
साहा ने कहा कि भाजपा Government पिछले कुछ वर्षों में त्रिपुरा के जाति (गैर-आदिवासी) और जनजाति (आदिवासी) समुदायों के विकास के लिए कई पहल कर रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में अब बंदूक और हथियारों की राजनीति को स्थान नहीं दिया जाएगा और एक नया त्रिपुरा बनाया जाएगा.
Chief Minister ने कहा कि कम्युनिस्टों ने कभी भी उग्रवादियों द्वारा मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी. उन्होंने कहा कि वे हाई कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि इन मामलों को नए सिरे से खोलने की अनुमति दें ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को दंडित किया जा सके.
इस मौके पर विधानसभा के Governmentी मुख्य सचेतक कल्याण रॉय, विधायक पिनाकी दास चौधरी और अन्य नेता Chief Minister के साथ मौजूद थे.
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डीएससी