त्रिपुरा सरकार सब्सिडी के जरिए बिजली की बढ़ी हुई दरों का 100 प्रतिशत बोझ उठाएगी

अगरतला, 21 अगस्त . त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने Friday को कहा कि राज्य कैबिनेट ने उपभोक्ताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए, त्रिपुरा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (टीईआरसी) द्वारा मंजूर की गई बिजली की बढ़ी हुई दरों का 100 प्रतिशत बोझ खुद उठाने का फैसला किया है.

Chief Minister ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि 2026-27 के लिए नई टैरिफ व्यवस्था के तहत बढ़ी हुई दरों पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला मई 2026 से लागू होगा.

इस सब्सिडी का फायदा राज्य के लगभग 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनमें घरेलू उपभोक्ता, छोटे, मध्यम और बड़े कारोबार, व्यापारी, किसान और उद्योग शामिल हैं. हालांकि, रेलवे ट्रैक्शन पर यह सब्सिडी नहीं मिलेगी.

फैसले के अनुसार, रक्षा प्रतिष्ठानों, रेलवे, ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे संस्थानों के मामले में, राज्य Government बढ़ी हुई दरों का 15 प्रतिशत हिस्सा उठाएगी.

Chief Minister ने कहा कि यह फैसला लोगों को बिजली के बढ़े हुए बिलों के बोझ से राहत देने और यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि संशोधित दरों से उपभोक्ताओं पर बुरा असर न पड़े.

फैसले के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही नई और बढ़ी हुई दरों पर बिल का भुगतान कर दिया है, उन्हें भी राहत दी जाएगी.

ऐसे उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई अतिरिक्त राशि को अगले तीन महीनों, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर, में उनके बिजली बिलों के जरिए एडजस्ट किया जाएगा.

यह एडजस्टमेंट इन तीन महीनों के दौरान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बढ़ी हुई दरों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को Government के सब्सिडी फैसले का लाभ मिले.

इससे पहले Friday को त्रिपुरा के बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि राज्य Government इस साल कुल 194.70 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी, जिसमें पहले दी गई 77.57 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी शामिल है.

मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की Government ने 2019 से 2023 के बीच उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाया था.

नाथ ने यह भी कहा कि ज्यादा बिजली बिलों के ज़रिए उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई अतिरिक्त राशि को अगले तीन महीनों, सितंबर से नवंबर तक, में एडजस्ट किया जाएगा.

इस फैसले से राज्य भर के लगभग 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होने की उम्मीद है. यह फैसला बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी, खासकर फिक्स्ड चार्ज बढ़ने के कारण, के बाद लिया गया है, जिससे लोगों में काफी चिंता और Political विरोध देखने को मिला था.

एससीएच

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