तृणमूल ने बागी नेता कुणाल घोष को कारण बताओ नोटिस किया जारी

कोलकाता, 4 मार्च . तृणमूल कांग्रेस ने अपने बागी नेता कुणाल घोष को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि पार्टी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.

कुणाल घोष ने कारण बताओ नोटिस की पुष्टि की और कहा कि वह उचित समय पर इसका जवाब देंगे. उन्हें नोटिस के बारे में सोमवार को तब बताया गया, जब वह छह बार के पार्टी विधायक तापस रॉय के आवास पर थे, जिन्होंने राज्य विधानसभा के सदस्य के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है.

घोष, राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के साथ, रॉय को अपना निर्णय वापस लेने के लिए मनाने के लिए उनके आवास पर गए थे.

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए रॉय ने घोष को कारण बताओ नोटिस भेजने के समय का भी मजाक उड़ाया. रॉय ने कहा,“कुणाल पार्टी की ओर से मुझे समझाने के लिए मेरे आवास पर आए, ताकि मैं इस्तीफा वापस ले लूं. दिलचस्प बात यह है कि तभी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया.”

हाल ही में कुणाल घोष ने पार्टी प्रवक्ता और प्रदेश महासचिव पद से अपना इस्तीफा दे दिया था. लेकिन प्रदेश महासचिव का उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया.

2 मार्च को, अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने एक पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने मांग की थी कि जनवरी 2017 में करोड़ों रुपये के रोज़ वैली चिट फंड मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अपोलो, भुवनेश्वर में बंद्योपाध्याय के अस्पताल में भर्ती होने के बिल का भुगतान किसने किया, इसकी जांच की जानी चाहिए.

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