तृणमूल ने अंडे फेंकने की घटनाओं के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की

कोलकाता, 22 जून . पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने Monday को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की है. याचिका में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग की.

यह जनहित याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रता चक्रवर्ती की खंडपीठ के समक्ष दायर की गई है. वकील प्रभान्या बनर्जी ने याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है. मामले की सुनवाई Tuesday को होने की संभावना है.

पार्टी ने आरोप लगाया है कि दो विधायकों कुणाल घोष और मदन मित्रा और तीन सांसदों अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन पर सुनियोजित हमला किया गया था. पार्टी ने यह भी दावा किया कि राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं और पार्टी कार्यालयों को ध्वस्त किया जा रहा है.

राज्य विधानसभा चुनावों के बाद, तृणमूल के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान हमला हुआ. श्रीरामपुर से तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली जिले के चांदीतला इलाके में हमला हुआ.

कुछ दिन पहले, दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर के बाहर बेलघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए. इसी तरह, मदन मित्रा पर उत्तर 24 परगना जिले के उनके विधानसभा क्षेत्र कमरहटी में हमला हुआ, जहां उनकी कार में तोड़फोड़ की गई. इन घटनाओं का जिक्र जनहित याचिका में किया गया है.

पार्टी ने तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद Police द्वारा उनकी कमर में रस्सी बांधकर और उन्हें केवल अंडरवियर में सड़कों पर घुमाने के तरीके का भी विरोध किया है.

सत्ता परिवर्तन के बाद से तृणमूल नेताओं को राज्य भर में विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है.

गिरफ्तारियों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं, कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों ने आरोपियों पर अंडे फेंके.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Police ने गिरफ्तार तृणमूल नेताओं के सिर पर हेलमेट लगा दिए हैं. तृणमूल ने अब इन घटनाओं के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.

एमएस/

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