एसआईआर के हर चरण में राजनीतिक दलों के साथ पारदर्शिता बनाई जाएगी : अशोक कुमार

New Delhi, 27 मई . राष्ट्रीय राजधानी में 30 जून से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत होने जा रही है. इसी बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने Wednesday को कहा कि Political दल प्रक्रिया के हर चरण में शामिल हैं. सभी के साथ पारदर्शिता बनाए रखी जाती है.

सीईओ ने से बात करते हुए कहा, “बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के स्तर पर दो बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) होते हैं और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर के स्तर पर एक बूथ लेवल एजेंट होता है. हमारे स्तर पर भी हम Political दलों के साथ बैठकें करते हैं.”

बूथ लेवल एजेंट वैसे प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें चुनावी प्रक्रिया के संचालन के दौरान मान्यता प्राप्त Political दल नियुक्त करते हैं.

अशोक कुमार ने आगे कहा, “चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा मसौदा प्रकाशित होने के बाद नोटिस जारी करने पर इसकी जानकारी Political दलों को दी जाएगी. इसके साथ ही उन्हें नोटिस के निपटान के बारे में भी सूचित किया जाएगा. इसलिए, हम Political दलों के साथ हर तरह से पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे.”

एसआईआर पर Supreme Court के फैसले का स्वागत करते हुए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, “यह सच है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया कानूनी ढांचे के भीतर संचालित की जाती है. चुनाव आयोग ने अपने दिशानिर्देश पूरी पारदर्शिता के साथ बनाए हैं. चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों में Political दलों की संलिप्तता का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है.”

अशोक कुमार ने राजधानी में होने वाली एसआईआर के बारे में भी विस्तार से बताया.

उन्होने कहा, “दिल्ली में एसआईआर की वास्तविक प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी, जहां बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र देंगे, जिन्हें मतदाता भरकर बीएलओ को जमा करेंगे.”

सीईओ ने कहा कि यदि मतदाता दौरे के समय घर पर नहीं होते हैं, तो बीएलओ अधिकतम तीन बार दौरा करेंगे और यदि मतदाता फिर भी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो वे फॉर्म मतदाता के निवास पर छोड़ देंगे. मतदाताओं के पास एक अन्य विकल्प यह है कि वे फॉर्म को डाउनलोड करने के साथ-साथ ऑनलाइन जमा भी कर सकते हैं.

अशोक कुमार ने बताया कि जब मतदाता स्वयं फॉर्म जमा करते हैं, तो बीएलओ उस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. यदि किसी मतदाता को फॉर्म भरने के संबंध में कोई भ्रम हो, तो फॉर्म के शीर्ष पर बीएलओ का नाम और नंबर दिया जाएगा और वे तुरंत संपर्क करके स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, “हमने ऐसे वीडियो भी बनाए हैं, जिनमें लोगों को यह समझाया गया है कि दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी कैसे प्राप्त करें और उनसे कैसे संपर्क स्थापित करें, दिल्ली के भीतर ही प्रवास करने वाले मतदाताओं की जानकारी कैसे प्राप्त करें. इसमें उन महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जो शादी के बाद दिल्ली में आकर बसी हैं.”

एसएके/एबीएम

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