
वाराणसी, 4 जून . उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने Police आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर social media पर हिंदू-मुस्लिम विभाजन और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली पोस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. समुदाय के प्रतिनिधियों ने ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की.
ज्ञापन सौंपने के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शहर में कुछ लोगों द्वारा social media और अन्य माध्यमों से नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है.
ट्रांसजेंडर समुदाय की सदस्य सलमा चौधरी ने कहा कि काशी में लगातार जातिवाद, भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उनके साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जाने से रोका जा रहा है.
सलमा चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को घाटों, पार्कों और सार्वजनिक मैदानों में जाने से रोका जाता है तथा उन्हें आतंकवादी और जिहादी जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज करने और समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.
ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने Police प्रशासन से मांग की कि social media पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की भी मांग की.
Police अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है. समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा.
वहीं, ट्रांसजेंडर सलमा Police को ज्ञापन देने पहुंचीं तो कार्यालय तक ना जाने देने पर Policeकर्मियों पर आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि क्या हम लोग Police स्टेशन तक नहीं जा सकते? क्या ये हमारा अधिकार नहीं है. हम लोग धूप में खड़े हैं और हम लोगों को अंदर तक नहीं जाने दिया जा रहा है. हालांकि Police अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया.
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एएमटी/पीएम