विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए नशा-मुक्त पीढ़ी का होना जरूरी : भूपेंद्र पटेल

गांधीनगर, 2 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को देशव्यापी ‘विकसित India के लिए नशा-मुक्त युवा शपथ अभियान’ की शुरुआत की. Gujarat में इस अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) में आयोजित किया गया.

कार्यक्रम में Governor आचार्य देवव्रत और Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे विकसित India के संकल्प के तहत नशे के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करें. उन्होंने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक युवा ही देश को विकसित India बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.

‘विकसित India के लिए नशा-मुक्त युवा शपथ अभियान एक देशव्यापी पहल के तहत आयोजित किया गया था. इसमें Prime Minister ने युवाओं को वर्चुअली संबोधित किया और उनसे नशा-मुक्त India बनाने में योगदान देने का आह्वान किया.

गांधीनगर में हुए इस कार्यक्रम में गवर्नर आचार्य देवव्रत और Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने प्रतिभागियों से बातचीत की और उन्हें ‘नशा-मुक्त युवा-विकसित India संकल्प’ लेने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित India का लक्ष्य हासिल करने के लिए नशा-मुक्त पीढ़ी का होना जरूरी है.

युवा प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए गवर्नर ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने नशा-मुक्त विकसित India का सपना देखा था और वे लगातार उस लक्ष्य को पाने के लिए काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि India को न सिर्फ एक विकसित देश बनना चाहिए, बल्कि एक नशा-मुक्त देश भी बनना चाहिए. देश की सबसे बड़ी संपत्ति उसके युवा हैं.

उन्होंने युवाओं से हानिकारक नशों की जगह रचनात्मक कामों को अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि उन्हें जल संरक्षण, पर्यावरण की सुरक्षा और बड़ों का सम्मान करने की लत लगानी चाहिए.

महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और भगत सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को देश के प्रति समर्पण की भावना अपनानी चाहिए, जिसने इन नेताओं को हमेशा के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया.

प्राकृतिक खेती के अपने अभियान से जुड़े एक और सवाल का जवाब देते हुए आचार्य देवव्रत ने बताया कि वे नियमित रूप से Gujarat के दूर-दराज के गांवों का दौरा करते हैं. किसानों के साथ रात बिताते हैं और Prime Minister के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पंचायत की एक एकड़ बेकार ज़मीन पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

उन्होंने बताया, “हर पेड़ को एक स्थानीय परिवार से जोड़ा गया ताकि उसकी लंबे समय तक देखभाल हो सके और प्रगति की निगरानी के लिए हर महीने तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा किए जाते थे.”

गवर्नर ने यह भी बताया कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों से मिलते हैं, उनके साथ खाना खाते हैं और ग्रामीणों के साथ शिक्षा, नशा-मुक्ति और प्राकृतिक खेती पर चर्चा करते हैं.

उन्होंने कहा कि मिट्टी, पर्यावरण और इंसानी सेहत पर केमिकल फर्टिलाइजर के बुरे असर को देखते हुए Gujarat में लगभग 8.5 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाई है.

बातचीत के दौरान ‘माय भारत’ के एक वॉलंटियर ने Chief Minister भूपेंद्र पटेल से नशा-विरोधी अभियान में ज्यादा युवाओं को शामिल करने के उपायों के बारे में पूछा.

इस सुझाव का स्वागत करते हुए Chief Minister पटेल ने कहा कि Government इस अभियान को जन-आंदोलन में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि युवा नशे से दूर रहें और विकसित India के निर्माण में योगदान दें.

उन्होंने कहा, “Gujarat में ‘ड्रग-फ्री यूथ फॉर विकसित India प्रतिज्ञा अभियान’ को एक जन-आंदोलन बनना चाहिए. ‘माई भारत’ की भावना खुद तक सीमित नहीं, बल्कि देश के लिए होनी चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम के दौरान बताए गए विज़न को साकार करने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए.

इस देशव्यापी अभियान में Gujarat सहित 26 राज्यों के Governorों और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान देश भर के युवा प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रतिज्ञा ली.

नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर एक जागरूकता फिल्म दिखाई गई, जिसके बाद एक नुक्कड़ नाटक के जरिए नशाखोरी को रोकने और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के महत्व को उजागर किया गया.

सभा को संबोधित करते हुए, ‘माई भारत’ के राज्य निदेशक सचिन शर्मा ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के “विकसित युवा, विकसित भारत” के विजन के तहत, संगठन देश भर में 2.5 करोड़ से अधिक युवाओं से जुड़ा है, जिसमें Gujarat के 9 लाख से अधिक युवा शामिल हैं.

उन्होंने कहा, “इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को मबूत करना था ताकि वे 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकें. देश भर में हजारों कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे जिनमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया.”

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डीकेएम/वीसी

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