
अगरतला, 17 अगस्त . टिप्रा मोथा पार्टी (टीएमपी) के सुप्रीमो प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने Monday को संकेत दिया कि यदि केंद्र और राज्य Government 2 मार्च, 2024 को हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों को लागू करने में विफल रहती हैं, तो उनकी पार्टी त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों में आगामी ग्राम समिति चुनावों के लिए भाजपा के साथ अपने गठबंधन पर पुनर्विचार कर सकती है.
देबबर्मा ने कहा कि यदि समझौते का पालन नहीं किया जाता है और त्रिपुरा के स्वदेशी लोगों को दिए गए संवैधानिक अधिकारों का आश्वासन नहीं दिया जाता है, तो उन्हें ‘अलग रास्ता अपनाने’ के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने अगरतला में टीएमपी नेताओं, विधायकों, टीटीएडीसी सदस्यों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की विस्तारित बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में ये टिप्पणी की.
त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) में आगामी ग्राम समिति चुनावों के लिए संयुक्त रणनीति पर भाजपा और टीएमपी नेताओं के बीच New Delhi में हुई निष्फल वार्ता के बाद यह बैठक हुई है.
देबबर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी के लिए प्राथमिक मुद्दा पद या वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि समझौते का कार्यान्वयन है, जो उनके अनुसार हस्ताक्षर किए जाने के ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पूरा नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा कि मैं बिल्कुल स्पष्ट हूं. अगर ये (भाजपा) लोग गंभीर हैं, तो उन्हें समझौते को लागू करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए बहुत सम्मान है.
उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते को लागू करने में विफलता उनकी पार्टी को आगे की कार्रवाई तय करने के लिए मजबूर करेगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हालिया चुनावों के दौरान टीएमपी को कमजोर करने के प्रयास किए गए, कुछ विधायकों और एमडीसी से संपर्क किया गया और कुछ ने पार्टी छोड़ दी.
देबबर्मा ने सीमित Political समझौते के विचार को खारिज करते हुए तर्क दिया कि कुछ नेताओं को पदों पर नियुक्त करना या मंत्री पद देना व्यापक आदिवासी आबादी की चिंताओं का समाधान नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि आप 10-15 लोगों को खुश कर सकते हैं, लेकिन 14 लाख आदिवासी लोग वहीं रहेंगे जहां वे थे.
टीएमपी नेताओं ने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा से मुलाकात की. देबबर्मा के नेतृत्व वाली टीएमपी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद मार्च 2024 से भाजपा के नेतृत्व वाली Government में एक कनिष्ठ सहयोगी रही है. टीएमपी के दो विधायक, अनिमेष देबबर्मा और वृषकेतु देबबर्मा, Chief Minister माणिक साहा के नेतृत्व वाली Government में शामिल किए गए थे.
टीटीएएडीसी के अंतर्गत आने वाली 587 ग्राम समितियों के चुनाव इस वर्ष के अंत में होने वाले हैं. 12 अप्रैल को हुए टीटीएएडीसी चुनावों में टीएमपी ने 28 में से 24 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को केवल चार सीटें ही मिल पाईं. 2021 से टीएमपी इस परिषद का संचालन कर रही है, जिसे त्रिपुरा में विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान माना जाता है.
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एमएस/