‘यह इस्तीफा नहीं, इंकलाब है’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अखिलेश यादव

New Delhi, 25 जुलाई . Samajwadi Party (सपा) के मुखिया और यूपी के पूर्व Chief Minister अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह इस्तीफा नहीं इंकलाब है.

सपा सांसद डिपंल यादव ने social media पोस्ट के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने लिखा कि प्यारे बच्चों, यह जीत आपकी है. हम आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगन को सलाम करते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. साथ ही, मुझे इस बात का बहुत अफसोस है कि आपको इतनी तकलीफ, मारपीट, सदमे और अपमान का सामना करना पड़ा. देश को बदलाव की जरूरत है. ऐसा बदलाव, जिससे सिस्टम में जान-बूझकर फैलाए गए भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके, ताकि देश तरक्की कर सके और हमारे देश के युवाओं की उम्मीदें और सपने पूरे हो सकें. ढेर सारा प्यार.

Odisha के पूर्व सीएम नवीन Patnaयक ने कहा कि मैं इस जीत के लिए India के युवाओं, खासकर ‘जेन जी’, को बधाई देता हूं. जवाबदेही और जनमत के प्रति संवेदनशीलता एक मजबूत लोकतंत्र के अहम मूल्य हैं. कोई भी जनता की इच्छा से ऊपर नहीं है. हमारे लोगों, खासकर युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए. India का भविष्य युवाओं का है. मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं.

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बताया कि Sunday को शिवाजी पार्क में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. हम युवाओं की इस जीत का जश्न मनाने और दिल्ली में युवा प्रदर्शनकारियों पर भाजपा Government द्वारा की गई बेरहम हिंसा के बारे में और जवाब मांगने के लिए एकजुट हो रहे हैं. Political पार्टियों और विचारधाराओं के मतभेदों से ऊपर उठकर, यह देश के लिए है.

मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित राज ठाकरे ने एक संदेश में कहा कि यह लड़ाई छात्रों की थी और यह जीत सिर्फ उन्हीं की है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न तो मेरी जीत है और न ही किसी Political पार्टी की. यह पूरी तरह से देश के युवाओं की जीत है. इन युवा लड़के-लड़कियों ने जो कुछ सहा—चाहे वह Police की लाठियां खाना हो, खुद पर वार झेलना हो, या चिलचिलाती धूप और बारिश में घंटों सड़कों पर डटे रहना हो—उनके संघर्ष को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. जिस तरह से आप सब एकजुट रहे, पूरी हिम्मत के साथ शांतिपूर्ण ढंग से लड़े और Government को बैकफुट पर आने के लिए मजबूर किया, मैं फिर कहता हूं, मैं आपका ‘फॉलोअर’ बन गया हूं. आपकी ताकत और इस लड़ाई को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. आपने इस तानाशाही Government को दिखा दिया कि जब युवा सड़कों पर उतरते हैं तो क्या होता है. यह तो बस पहला कदम है. संसद में नीट पर पूरी बहस, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और आपके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को पूरी तरह वापस लेना. इन बाकी मांगों के लिए हम आखिर तक आपके साथ खड़े रहेंगे.

केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तय था. उन्होंने देर से इस्तीफा दिया, जबकि एक समय ऐसा भी था जब उनके पास पद पर बने रहने के अलावा कोई चारा नहीं था. India के उन युवाओं को सलाम जिन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी और अपना आत्मविश्वास बनाए रखा. हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हैं. यह इस्तीफा तब आया जब कई दिनों तक सड़कों पर बच्चों को पीटने की कोशिशें नाकाम रहीं. यह देश के छात्रों के संघर्ष की जीत है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्षी पार्टियां उनके संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़ी रहीं. गंभीर आरोप लगने और आलोचना होने के बावजूद, Prime Minister और भाजपा ने धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करने की कोशिश की. आंदोलन के आखिर में धर्मेंद्र प्रधान को शर्मिंदगी के साथ पद छोड़ना पड़ा.

उन्होंने आगे कहा कि यह एक ऐतिहासिक जीत है. संघर्ष के साहस के आगे तानाशाहों को झुकना पड़ा, जिन्होंने दबाने की कोशिश की, जिन्होंने जान-बूझकर उकसाया और संघर्ष की भावना को खत्म करने की कोशिश की, जिन्होंने देश के विपक्ष के नेता को सड़कों पर घसीटा, जिन्होंने हमारे सांसदों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिन्होंने हर तरह के अलोकतांत्रिक तरीके अपनाए, वे अब शर्म से सिर झुकाए खड़े हैं. नीट जैसी परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित होनी चाहिए. कम से कम केंद्र Government को छात्रों के भविष्य और जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.

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डीकेएम/डीकेपी

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