‘वर्ल्ड चैंपियन होने से बेहतर कुछ नहीं’, फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले बोले फ्रांस के हेड कोच डेसचैम्प्स

पेरिस, 2 जून . फ्रांस के हेड कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने फीफा वर्ल्ड कप जीतने को फुटबॉल की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है. टीम की कमान संभालते हुए अपने चौथे वर्ल्ड कप और आखिरी टूर्नामेंट की तैयारी करते हुए डिडिएर ने कहा कि ‘वर्ल्ड चैंपियन होने से बेहतर कुछ नहीं है’.

विश्व कप 2026 से पहले ‘फीफा’ से बात करते हुए डेसचैम्प्स ने फ्रांस के साथ अपने शानदार सफर के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने 1998 में कैप्टन और 2018 में कोच के तौर पर ट्रॉफी जीती थी. उन्होंने कहा, “मैं क्लब लेवल, चैंपियंस लीग और भी बहुत कुछ जीतने के लिए काफी खुशकिस्मत रहा हूं, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन होने से बढ़कर कुछ नहीं है. आपका नाम वहीं रहता है, लेकिन दो शब्द हमेशा के लिए जुड़ जाते हैं: “वर्ल्ड चैंपियन.”

57 वर्षीय के डेसचैम्प्स फुटबॉल इतिहास के उन तीन लोगों में से एक हैं जिन्होंने प्लेयर और कोच दोनों के तौर पर वर्ल्ड कप जीता है. उनके अलावा यह कारनामा ब्राजील के मारियो जागालो और जर्मनी के फ्रांज बेकनबाउर ही कर सके हैं. अगर इस गर्मी में वह एक और खिताब जीत लेते हैं, तो यह उनकी विरासत को और मजबूत कर देगा. इससे वे ऐसे पहले कोच बन जाएंगे जिन्होंने खिलाड़ी और कोच दोनों रूप में वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती है, और बतौर कोच दो बार वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो जाएगा.

अपनी उपलब्धियों के बावजूद डेसचैम्प्स ने जोर देकर कहा कि वह अतीत के बारे में नहीं सोच रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा सिर्फ आज और कल के बारे में सोचता हूं; मैं बस ऐसा ही हूं. सच कहूं तो और कुछ मायने नहीं रखता. मैं आगे क्या होने वाला है, इस पर फोकस कर रहा हूं. 1998 और 2018 में जो हुआ, वह हमेशा मेरे साथ रहेगा, लेकिन जो बीत गया उसे कोई नहीं बदल सकता. अब मायने यह रखता है कि हम आगे क्या करते हैं.”

फ्रांस 2018 में वर्ल्ड कप जीतने और 2022 में फाइनल में पहुंचने के बाद इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. हालांकि, डेसचैम्प्स ने चेतावनी दी कि सिर्फ प्रतिष्ठा से सफलता नहीं मिलेगी. “हमने अपने नतीजों की वजह से उम्मीदें बनाई हैं. हमने 2018 में ट्रॉफी उठाई और 2022 में फाइनल में पहुंचे, इसलिए हमारे समर्थकों को उम्मीद है कि हम आखिर में फिर से वहां होंगे. हम उन 10 या 12 देशों में से एक हैं जो असल में वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना देख सकते हैं. हालांकि, विजेता सिर्फ एक ही होगा और कई निराश टीमें होंगी. खेल में बदला जैसी कोई चीज नहीं होती. यह अब इतिहास है. यह एक नया चैप्टर है.”

फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत सेनेगल के खिलाफ करेगा, जिसके बाद ग्रुप स्टेज में नॉर्वे और इराक से टीम का सामना होगा. अपने आखिरी वर्ल्ड कप की तैयारी करते हुए डेसचैम्प्स ने माना कि उन्होंने फ्रांस के बाद की जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं सोचा है और उनका पूरा ध्यान खेल के सबसे बड़े अवार्ड को पाने के आखिरी मौके पर है- एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियन बनना.

एसएम/एएस

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