देश में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही, नफरत की राजनीति खतरनाक: आप विधायक मेहराज मलिक

जम्मू, 28 अप्रैल . 2025 में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत दर्ज मामले में जेल से रिहा होने के बाद डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक ने कहा कि उनके लिए और उनकी आवाम के लिए यह काफी मुश्किल समय था.

मलिक ने कहा कि मेरे जैसे हजारों-लाखों लोग बेगुनाह जेल में बंद हैं. जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा किया और मुझे चुना, उनकी उम्मीदों को कैद कर दिया गया. मेरा समय कैद हो गया. समय लौटकर नहीं आता. एक मेहराज के 8 महीने जेल में रहने से शायद फर्क न पड़े, लेकिन अवाम की बेहतरी के लिए जो उम्मीदें थीं, उन पर असर जरूर पड़ा है.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह गुनाह किया है, उन्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी. यह समय का खेल है. हम राजनीति करने आए थे, लेकिन यहां हमें वकालत करनी पड़ रही है, दलीलें देनी पड़ रही हैं और बेगुनाही के सबूत देने पड़ रहे हैं.

मेहराज मलिक ने कहा कि देश की राजनीति में विपक्ष को बोलने में कितनी मुश्किलें आती हैं, यह सभी जानते हैं.

उन्होंने बंगाल में हो रही धर्म की राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि यह नहीं होनी चाहिए. यह लोकतंत्र है. आज इसकी लाठी, कल उसकी लाठी. 70 साल तक भाजपा कहां थी. कांग्रेस का दबदबा था, अब कांग्रेस नहीं रही. मैं भी हमेशा नहीं रहूंगा. जितना वक्त गुजारना है, अच्छा गुजारो. ये लोग नफरत का बीज बो रहे हैं और विश्वगुरु बनने की बात कर रहे हैं. विश्वगुरु तभी बनेंगे, जब सच्चाई का साथ देंगे.

विधायक ने कहा कि कोई भी बाहर का व्यक्ति हमारे मुल्क के बारे में गलत बातें करे तो Government को उसकी निंदा करनी चाहिए, लेकिन देश के अंदर अगर कोई अच्छा काम करना चाहे तो उसे देशद्रोही मान लिया जाता है. मैंने कभी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया, लेकिन सिर्फ एक मुसलमान होने की वजह से मुझ पर ये सारी चीजें लादी गईं.

उन्होंने अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए कहा कि केजरीवाल हिंदू हैं. मैंने उनका साथ इसलिए दिया, क्योंकि उन्होंने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल बेहतर किए और बिजली फ्री दी. मैं बदलाव देखना चाहता था और उस बदलाव का हिस्सा बनना चाहता था. अगर भाजपा भी ऐसी सोच रखती तो हजारों-लाखों मुसलमान उनके साथ होते. धर्म को बचाने की बजाय धर्म पर चलना चाहिए.

मेहराज मलिक ने Pakistan पर आरोप लगाते हुए कहा कि Pakistan पहले बंदूक और जिहाद के नाम पर देश को खोखला कर रहा था. अब जब गोली नहीं चल रही, तो चिट्टा (नशीला पदार्थ) बेचने लगा है. यहां की नस्लों को तबाह करना चाहता है.

डीकेएम/वीसी

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