
Ahmedabad, 13 दिसंबर . भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह घबरा गई हैं, इसीलिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भ्रम फैलाकर लोगों को डरा रही हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार प्रदेश से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना है.
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने एसआईआर पर ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि देखिए, जब किसी राज्य की Chief Minister धमकी और डराने-धमकाने का सहारा लेती हैं, तो हम सभी को यह समझने की जरूरत है कि यह लोकतंत्र के लिए कितना खतरनाक है. एसआईआर देश की चुनावी संस्थाओं द्वारा चलाई जाने वाली एक प्रक्रिया है, और अगर किसी का नाम नहीं आता है, तो उसे अपडेट करवाने के लिए काफी समय दिया जाता है. इस प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए डर या धमकी का इस्तेमाल करना सिर्फ उनकी मानसिकता को दिखाता है. वे एक सही, पारदर्शी सिस्टम से क्यों डर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि टीएमसी पूरी तरह से परेशान है. उन्हें लगता है कि अगर नकली या डुप्लीकेट वोट हटा दिए गए, तो उनकी सत्ता खतरे में पड़ जाएगी, इसीलिए वे एसआईआर के खिलाफ हर तरह की डराने-धमकाने की चालें चल रहे हैं.
विपक्ष की ओर से वोट चोरी का मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि पूरे देश में वोट चोरी के दावों को लोग सिरे से खारिज कर रहे हैं, क्योंकि चाहे उत्तर हो या दक्षिण, भाजपा हर जगह जीत रही है. यह कोई इत्तेफाक नहीं है. यह भाजपा में देश के लोगों के भरोसे को दिखाता है. मैं केरल के लोगों को भरोसा जताने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, और हम इस भरोसे को बनाए रखेंगे.
कई खाड़ी देशों में फिल्म ‘धुरंधर’ पर बैन लगाया है. भाजपा नेता ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हर चीज को धर्म से जोड़ा जाना चाहिए. ‘धुरंधर’ एक सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म है, और किसी भी फिल्म का मकसद दर्शकों के सामने सच्चाई पेश करना होता है. हर चीज को, यहां तक कि क्रिएटिविटी को भी, धर्म से जोड़ना मुझे सही नहीं लगता. दर्शकों को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि उन्हें क्या सही लगता है और क्या गलत. मेरा मानना है कि धर्म के नाम पर क्रिएटिव काम का विरोध करना एक अच्छी सोच नहीं है.
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डीकेएम/डीकेपी