केरल राज भवन का बदलेगा नाम, 1 दिसंबर से कहलाएगा ‘लोक भवन’

तिरुवनंतपुरम, 30 नवंबर . केरल राजभवन 1 दिसंबर से लोकभवन कहलाएगा. राजभवन, Governor का आधिकारिक आवास और कार्यालय होता है. इसे राज्य के प्रशासनिक नाम में बड़े प्रतीकात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर, जो अभी गोवा में हैं, Monday को औपचारिक अधिसूचना जारी कर सकते हैं. इसके बाद से ही आधिकारिक पता लोक भवन, केरल होगा. यह बदलाव केंद्र Government के उस बड़े कदम के बाद उठाया गया है जिसमें देश की प्रशासनिक शब्दावली से औपनिवेशिक दौर के शब्दों को हटाने का फैसला लिया गया था.

25 नवंबर को, गृह मंत्रालय ने एक निर्देश जारी किया जिसमें पूरे India के सभी राजभवनों को नया नाम ‘लोक भवन’ अपनाने और सभी राज निवास – जो लेफ्टिनेंट गवर्नर के घर हैं—का नाम बदलकर ‘लोक निवास’ करने को कहा गया था.

गवर्नर अर्लेकर ने मूल रूप से 2024 में गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान यह विचार सामने रखा था, यह तर्क देते हुए कि इस बदलाव से राजभवन जनसुलभ होगा, आम लोग बिना किसी डर या हिचकिचाहट के यहां पहुंच सकेंगे. उन्होंने कहा यह बदलाव लोगों की पहुंच, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सहभागिता का प्रतीक होगा. उन्होंने कहा था कि ये मूल्य संवैधानिक कार्यालय में दिखने चाहिए.

केरल 1 दिसंबर को इस बदलाव को लागू करने के लिए तैयार है; यह राज्य उन दूसरे राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने पहले ही इस बदलाव को नोटिफाई कर दिया है.

असम के गवर्नर लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने Friday को यह निर्देश जारी किया, और इस बदलाव को औपचारिक बनाने वाले पहले Governor बन गए. पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी.वी. आनंद बोस ने Saturday को ऐसा ही किया.

केंद्र Government का कहना है कि यह कदम “विकसित भारत” की सोच को मजबूत करने की एक कोशिश का हिस्सा है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, राजभवन और राज निवास का नाम बदलने का उद्देश्य “लोकतंत्र में सहभागिता की प्रकृति” को दर्शाना और यह पक्का करना है कि संवैधानिक स्थल आम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए ही बने हैं.

इस बदलाव के साथ ही Governor आवास के द्वार, वाहन और आवास पर लगी पट्टिका, और आधिकारिक लेटरहेड से लेकर वेबसाइट में भी बदलाव होगा. फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रियाएं चल रही हैं; अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद नए नाम की सार्वजनिक घोषणा हो जाएगी.

इस बदलाव के साथ केरल में राजभवन शब्द का लगभग सात दशक का अंत हो गया है, और इसकी जगह एक ऐसा नाम रखा गया है जिसके बारे में केंद्र को उम्मीद है कि यह आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों से मेल खाएगा—लोकभवन, यानी लोगों का घर.

केआर/

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