
कोलकाता, 14 मई . पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा शासित राज्य Government में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. चक्रवर्ती को हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद India निर्वाचन आयोग द्वारा उनके पद से हटा दिया गया था.
नबन्ना स्थित वर्तमान राज्य सचिवालय के एक सूत्र ने बताया कि चक्रवर्ती को उनके मौजूदा पद “विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक” पर बरकरार रखा गया है. यह पद सीधे Chief Minister कार्यालय के अधीन है लेकिन उन्हें विशेष और अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
सूत्रों के अनुसार, “विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक” के रूप में चक्रवर्ती का पहला कार्य राज्य में बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराना होगा.
गौरतलब है कि 11 मई को Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य कैबिनेट की पहली बैठक में इस उद्देश्य के लिए बीएसएफ को अगले 45 दिनों के भीतर भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करने का पहला प्रस्ताव पारित किया गया था.
सूत्र ने कहा, “राज्य Government के महत्वपूर्ण विभागों, विशेषकर गृह विभाग और बाद में मुख्य सचिव के रूप में चक्रवर्ती के प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए नई राज्य कैबिनेट ने उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति माना. ‘विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक’ के रूप में वह राज्य में केंद्र प्रायोजित विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रक्रिया की भी निगरानी करेंगी.”
पश्चिम बंगाल कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी की करीबी विश्वासपात्र रहीं चक्रवर्ती राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव थीं.
हालांकि, इस पद पर उनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा और केवल दो महीने तक चला क्योंकि 15 मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार द्वारा चुनाव तिथियों की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही चुनाव आयोग ने उन्हें पद से हटा दिया था.
कोलकाता के प्रतिष्ठित लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से परास्नातक चक्रवर्ती ने राज्य Government में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. इनमें राज्य गृह सचिव, सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों की सचिव और पश्चिम बंगाल के पूर्व Governor सी.वी. आनंद बोस की सचिव जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं.
जनवरी में उन्हें राज्य की मुख्य सचिव बनाए जाने को लेकर विवाद भी हुआ था क्योंकि यह नियुक्ति कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता को दरकिनार करके की गई थी.
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पीएम