
New Delhi, 16 जून . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत सुभाषित साझा किया.
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं, इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है.”
Prime Minister मोदी की ओर से संस्कृत श्लोक, “सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्. वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥” शेयर किया गया.
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे नहीं करना चाहिए, क्योंकि बिना विचार किए काम को करना बड़ी विपत्तियों का कारण होता है. इसके विपरीत, जो व्यक्ति अच्छी तरह सोच विचार कर काम करता है, गुणों की सफलता और लक्ष्मी स्वयं ढूंढते हुए उसका चुनाव करती हैं.
इससे पहले, Prime Minister मोदी ने 15 जून को सुभाषित साझा किया था. पीएम मोदी ने लिखा था कि हर मिट्टी के ढेले में अलग सोच; हर जलाशय में ताजा पानी. हर जन्म में नई खोजें; हर मुंह में नई बोली होती है.
Prime Minister ने वीडियो शेयर कर लिखा था कि नवाचार और उद्यम के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति की सोच और सर्जनात्मक दृष्टि अलग-अलग होती है, और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है. जिस प्रकार हल जल स्रोत का स्वाद भिन्न होता है, उसी प्रकार हर प्रतिभा अपनी अनूठी पहचान और योग्यता रखती है. इन्हीं भिन्न-भिन्न विचारों और क्षमताओं के समन्वय से नवाचार और प्रगति संभव होती है.
इससे पहले पीएम मोदी ने 12 जून को सुभाषित शेयर किया था. तब पीएम ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा था कि India की नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. हमारी माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं.
उन्होंने संस्कृत श्लोक “नारी त्रैलोक्यजननी नारी त्रैलोक्यरूपिणी. नारी त्रिभुवनाधारा, नारी शक्तिस्वरूपिणी॥” शेयर किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि नारी तीनों लोकों की जननी है. नारी ही तीनों लोगों की अभिव्यक्ति है. वही पूरे संसार का आधार है और वही शक्ति का वास्तविक स्वरूप है.
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एसडी/डीकेपी