
New Delhi, 14 अप्रैल . संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है. इस दौरान ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर चर्चा होने वाली है. विपक्ष का कहना है कि इस दौरान तीन विधेयक पेश किए जाएंगे, और वे इसका विरोध करेंगे. इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि देश को Political भूकंप के लिए तैयार रहना चाहिए.
कांग्रेस नेता के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने social media प्लेटफॉर्म पर लिखा, “विपक्ष विशेष रूप से संविधान संशोधन विधेयक को हर संभव तरीके से हराने की कोशिश करेगा. देश को Political भूकंप के लिए तैयार रहना चाहिए.”
इससे पहले Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र Government पर हमला कर चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक को पास करने के लिए 2011 की जनगणना का उपयोग किया जा रहा है, जबकि देश में वर्तमान में जो जाति आधारित जनगणना चल रही है, उसे नजरअंदाज किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “जो Government अभी प्रस्ताव दे रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. यह संशोधन परिसीमन और गेरीमैंडरिंग के जरिए सत्ता पर कब्जे की कोशिश है.”
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस “महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करती है” और 2023 में संसद ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया था.
उन्होंने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, खासकर पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासी समुदायों और महिलाओं के लिए. उन्होंने कहा, ‘यह आपके प्रतिनिधित्व का मुद्दा है.’
Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जनता को अब गुमराह किया जा रहा है.
उन्होंने वीडियो में कहा कि Prime Minister Narendra Modi नहीं चाहते कि यह फैसला जाति जनगणना, नई जनगणना या ओबीसी जनगणना के आधार पर हो. वे 2011 की जनगणना का उपयोग करना चाहते हैं, जिसमें पिछड़े वर्गों के आंकड़े शामिल नहीं हैं.
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एएमटी/एमएस