
New Delhi, 2 दिसंबर . केंद्र Government ने वित्त वर्ष 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 1,223 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की खरीद की है और इसके लिए 3.47 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान किसानों को किया गया है. यह जानकारी कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से Tuesday को दी गई.
Lok Sabha में एक सवाल का लिखित में जवाब देते हुए Union Minister ने कहा कि हर साल Government राज्य Governmentों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों की सलाह पर विचार करने के बाद कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर 22 अनिवार्य कृषि फसलों के लिए एमएसपी तय करती है.
उन्होंने बताया कि 2018-19 के केंद्रीय बजट में एमएसपी को उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना स्तर पर रखने के पूर्व-निर्धारित सिद्धांत की घोषणा की गई थी. इसके अनुसार Government ने वर्ष 2018-19 से सभी अनिवार्य खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के लिए एमएसपी में अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ के साथ वृद्धि की है.
उन्होंने आगे कहा कि Government पहले से निर्धारित खरीद एजेंसियों के माध्यम से कृषि फसलों की खरीद की पेशकश करती है और किसानों के पास अपनी उपज Governmentी एजेंसियों को या खुले बाजार में, जो भी उनके लिए सुविधाजनक हो, बेचने का विकल्प होता है. आंकड़े बताते हैं कि बढ़ी हुई एमएसपी से देश के किसानों को लाभ हुआ है.
Government ने किसानों के लाभ के लिए कई अन्य पहल भी की हैं, जिनमें Prime Minister फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना शामिल है, जिसके तहत 2024-25 के दौरान किसानों को 12,256 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है.
चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम की मार आदि से फसल हानि झेल रहे किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने और किसानों की आय स्थिर करने के लिए खरीफ 2016 से ये दोनों बीमा योजनाएं शुरू की गई थीं. इस योजना के अंतर्गत बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक के नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा प्रदान किया जाता है. यह योजना राज्यों और किसानों के लिए स्वैच्छिक भी है.
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एबीएस/