
Ahmedabad/New Delhi, 1 मार्च . कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने Sunday को केंद्र और Gujarat Government से ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष से प्रभावित Gujaratी समुदाय की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया.
एक वीडियो बयान में, गोहिल ने कहा कि ईरान और इजराइल के साथ-साथ अबू धाबी, Dubai , बहरीन और कतर जैसे खाड़ी देशों में ड्रोन हमलों, मिसाइल हमलों और हवाई हमलों की लगातार खबरों ने इस क्षेत्र में रहने और यात्रा करने वाले Gujaratी समुदाय के सदस्यों के लिए अनिश्चितता और कठिनाई पैदा कर दी है.
उन्होंने आगे कहा कि Gujaratी समुदाय के कई सदस्य प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं. केंद्र और राज्य Governmentों को उनकी सुरक्षा और उनके व्यवसायों और कार्यस्थलों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए.
हालिया तनाव बढ़ने से मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में आंशिक हवाई क्षेत्र बंद हो गया है और उड़ानें रद्द हो गई हैं, जिससे यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पारगमन केंद्र बाधित हो गए हैं.
खाड़ी शहरों से होकर यात्रा करने वाले यात्रियों ने उड़ानों के रद्द होने या मार्ग परिवर्तन के बाद फंसे होने की सूचना दी है.
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि अगर अमेरिका या अन्य देशों की यात्रा करने वाले Gujaratियों की उड़ानें Dubai , कुवैत या अबू धाबी में रुकती हैं, तो वे वहीं फंस जाते हैं.
उन्होंने उमराह करने के लिए सऊदी अरब गए कई Gujaratी तीर्थयात्रियों के बारे में मिली जानकारी का भी जिक्र किया, जो अब हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं.
गोहिल ने कहा कि इन तीर्थयात्रियों की कठिनाइयों को दर्शाने वाले वीडियो प्राप्त हुए हैं. केंद्र Government को Gujaratी परिवारों को वापस लाने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि उन्होंने Prime Minister Narendra Modi और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
उन्होंने कहा कि यदि हमारे समुदाय के सदस्य Gujarat लौटना चाहते हैं, तो India और Gujarat Government को उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मुफ्त व्यवस्था करनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि जब तक ऐसी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक भारतीय दूतावासों को फंसे हुए नागरिकों के लिए होटल में ठहरने और भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अधिकांश देश अपने नागरिकों के लिए ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं. हमारे दूतावासों को भी तुरंत ऐसा करना चाहिए.
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एमएस/