नाकामियां छिपाने के लिए टेलीग्राम पर लगी रोक, जनता को सब पता: अजय राय

Lucknow, 17 जून . उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र Government का घेराव किया. उन्होंने कहा कि Government ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए टेलीग्राम पर रोक लगा दी है. इससे कुछ होने वाला नहीं है, जनता को Government की सच्चाई पता चल गई है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “Government नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है. पेपर लीक की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और केवल टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा. यह कदम Government की कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश जैसा प्रतीत होता है. परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना Government की जिम्मेदारी है.”

Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के छात्रों से मुलाकात और उनके social media पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाते रहे हैं. देशभर में छात्र और युवा अपनी चिंताओं और नाराजगी को व्यक्त कर रहे हैं, ऐसे में राहुल गांधी उनके बीच जाकर उनकी बात सुन रहे हैं और उनके साथ खड़े हैं.

बता दें कि Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “टेलीग्राम बैन- पेपर लीक रोकने के लिए Government की नई चाल. चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के दरवाजे पर ताला लगा दो. पेपर लीक माफिया इसी Government की निगरानी में फल-फूल रहा है.”

राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश Government द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भी अजय राय ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पांड्या पहले से ही विवादों में रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है. मामले की जांच किसी मौजूदा हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का भरोसा कायम रहे.

उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए धन के उपयोग को लेकर कई सवाल उठे हैं और भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर Prime Minister Narendra Modi को भी संज्ञान लेना चाहिए था. कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

एसएके/डीकेपी

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