तेलंगाना टीजीएसआरटीसी हड़ताल : ड्राइवर की मौत पर सरकार का ऐलान, परिवार को 10 लाख की मदद

हैदराबाद, 24 अप्रैल . तेलंगाना Government ने तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (टीजीएसआरटीसी) के ड्राइवर शंकर गौड़ के परिवार के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है.

शंकर गौड़ ने टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के दौरान खुद को आग लगा ली थी. परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने परिवार के लिए ‘इंदिरम्मा योजना’ के तहत एक घर और परिवार के किसी एक योग्य सदस्य को नौकरी देने का भी ऐलान किया.

मंत्री ने टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों की ‘ज्वाइंट एक्शन कमेटी’ (जेएसी) के नेताओं से अपील की कि वे अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में पहल करें.

उन्होंने विपक्षी पार्टियों से भी आग्रह किया कि वे इस मुद्दे का Politicalरण न करें और इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े रहें.

शंकर गौड़ ने Thursday को वारंगल जिले के नरसंपेट डिपो में विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद को आग लगा ली थी. वह 80 प्रतिशत तक जल गए थे और Friday तड़के हैदराबाद के अपोलो डीआरडीओ अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

शंकर गौड़ के परिवार के सदस्यों और टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए नरसंपेट डिपो ले जाने की कोशिश की, लेकिन Police ने उन्हें रोक दिया, जिससे नरसंपेट मंडल के मुथोजिपेट इलाके में तनाव पैदा हो गया.

विपक्षी पार्टियों India राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने भी मृतक के परिवार और टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों का समर्थन किया.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार भी ड्राइवर के परिवार का समर्थन करने के लिए मुथोजिपेट पहुंचे. उन्होंने Police से सवाल किया कि वे पार्थिव शरीर को नरसंपेट डिपो ले जाने पर आपत्ति क्यों जता रहे हैं.

उन्होंने Police अधिकारियों से आग्रह किया कि वे मृतक के परिवार की इच्छाओं का सम्मान करें और उन्हें पार्थिव शरीर ले जाने की अनुमति दें.

उन्होंने वारंगल के Police कमिश्नर से भी बात की और टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों को पार्थिव शरीर नरसंपेट डिपो ले जाने से रोकने के लिए Police की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि शंकर गौड़ ने इस डिपो में 22 साल तक सेवा की थी और वहां काम करने वाले अन्य कर्मचारी उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं.

Police अधिकारियों ने शंकर गौड़ के परिवार और जेएसी नेताओं के साथ बातचीत की. परिवार ने शव को नरसंपेट डिपो ले जाए बिना ही अंतिम संस्कार करने पर सहमति जता दी. इससे तनावपूर्ण स्थिति शांत हो गई.

एएसएच/एबीएम

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