तेलंगाना के मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान हटाने और कार्रवाई की मांग की

हैदराबाद, 16 अप्रैल . तेलंगाना के परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोनम प्रभाकर ने Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर BJP MP तेजस्वी सूर्या द्वारा तेलंगाना के गठन को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान को संसद की कार्यवाही से हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

मंत्री ने Lok Sabha अध्यक्ष को सौंपे गए अपने पत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान तेजस्वी सूर्या द्वारा दिए गए बयान पर कड़ा एतराज जताया है.

पोनम प्रभाकर ने कहा कि सांसद ने आंध्र प्रदेश के विभाजन और तेलंगाना राज्य के गठन की तुलना India के विभाजन और Pakistan के निर्माण से की, जो न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है बल्कि संसदीय गरिमा के लिहाज से बेहद असंवेदनशील और अनुचित भी है.

उन्होंने पत्र में लिखा, “यह तुलना न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से असंगत है, बल्कि संसदीय विमर्श के संदर्भ में अत्यंत असंवेदनशील और अनुचित है.”

मंत्री ने कहा कि तेलंगाना का गठन एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया का परिणाम था, जो राज्य के लोगों की वैध आकांक्षाओं को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इसकी तुलना देश के विभाजन जैसी हिंसक और दर्दनाक घटना से करना उस प्रक्रिया की गरिमा को कम करता है और तेलंगाना के लोगों की भावनाओं की अनदेखी करता है.

पोनम प्रभाकर ने आगे कहा कि इस तरह की तुलना न केवल अनावश्यक है बल्कि इससे क्षेत्रीय वैमनस्य बढ़ने का खतरा है. यह ऐतिहासिक और संवैधानिक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है और लोकतंत्र की बुनियादी भावना एकता और सहकारी संघवाद को कमजोर करती है.

उन्होंने Lok Sabha अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस बयान को संसद की कार्यवाही से हटाया जाए और संबंधित सांसद को Lok Sabha तथा तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जाए.

इसके साथ ही मंत्री ने तेजस्वी सूर्या के खिलाफ उचित कार्रवाई करने, यहां तक कि उनकी Lok Sabha सदस्यता रद्द करने तक की मांग भी की है.

डीएससी

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