
हैदराबाद, 26 मार्च . तेलंगाना हाईकोर्ट ने दलबदल के आरोपों से जुड़े मामले में विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार और दो विधायकों को नोटिस जारी किया है.
यह नोटिस उन याचिकाओं पर जारी किया गया, जिन्हें India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों ने दायर किया है. इन याचिकाओं में स्पीकर द्वारा अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) याचिकाएं खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई है.
मुख्य न्यायाधीश अपारेष कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी. एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने स्पीकर के साथ-साथ विधायकों कडियम श्रीहरि और संजय कुमार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और सुनवाई 16 अप्रैल तक स्थगित कर दी.
इससे एक दिन पहले हाईकोर्ट ने दलबदल के आरोप झेल रहे सात अन्य विधायकों और स्पीकर को भी नोटिस जारी किया था. इनमें दानम नागेंदर, अरेकापुडी गांधी, काले यदैया, टी. प्रकाश गौड़, पोचारम श्रीनिवास रेड्डी, बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी और तेलम वेंकट राव शामिल हैं.
दरअसल, स्पीकर ने अलग-अलग आदेशों में 2023 में बीआरएस के टिकट पर जीते 10 विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया था. आरोप था कि ये विधायक 2024 में सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो गए थे.
बीआरएस ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि सबूतों के अभाव का हवाला देकर याचिकाएं खारिज करना गलत है और इससे विधायकों को क्लीन चिट मिल गई है.
इस बीच, भाजपा विधायकए. महेश्वर रेड्डी ने भी स्पीकर के फैसले को चुनौती दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि दानम नागेंद्र Chief Minister रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए और सिकंदराबाद से Lok Sabha चुनाव भी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लड़ा.
हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ते हुए अगली सुनवाई 16 अप्रैल को तय की है.
–
डीएससी