
हैदराबाद, 29 जून . भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Monday को दावा किया कि तेलंगाना का विकास केवल भाजपा की ‘डबल-इंजन Government’ से ही संभव है.
‘विकसित India स्टूडेंट कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने भरोसा जताया कि तेलंगाना में भाजपा सत्ता में आएगी.
भाजपा प्रमुख ने कहा कि India के युवा Government-विरोधी सोच के साथ काम नहीं करते, बल्कि देश के निर्माण के लिए कोशिश करते हैं.
उन्होंने कहा, “मेरे सामने बैठे युवा ‘जेन जी’ हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में खुद को स्थापित कर रहे हैं. कोई लॉन टेनिस खिलाड़ी है तो कोई क्रिकेट खिलाड़ी. मेरी बहन बैडमिंटन के बारे में बात कर रही थी. किसी का स्टार्टअप है.”
उन्होंने कहा कि असली ‘जेन जी’ देश के वे 2.25 लाख युवा हैं जो स्टार्टअप के जरिए अपना और देश का भविष्य बना रहे हैं.
भाजपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग संविधान और संस्कृति पर सवाल उठाते हैं, जो देश की आत्मा हैं -वे ‘जेन जी’ नहीं हो सकते.
उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप चल रहे हैं और India के युवाओं की लीडरशिप और कोशिशों से 125 से ज्यादा यूनिकॉर्न बने हैं. मेरा मानना है कि राज्य Government की नीतियां हमारे लिए Political असहमति का विषय हैं, लेकिन मेरा यह भी मानना है कि केंद्र Government की नीतियां स्टार्टअप के विकास में काफी मदद करती हैं. आज के युवा नौकरी देने वाले के तौर पर उभर रहे हैं. उनके इनोवेशन और काबिलियत को पहचाना जा रहा है और वे देशभर में लाखों लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा कर रहे हैं.
उन्होंने युवाओं से राजनीति में शामिल होने की अपील की, हालांकि उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद वे क्या करना चाहते हैं, इस बारे में उन्हें स्पष्टता होनी चाहिए.
नितिन नवीन ने कहा कि social media के बढ़ते इस्तेमाल से लोगों में जागरूकता बढ़ी है. उनका मानना है कि पहले लोगों को अपने अधिकारों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि लोगों को पार्टियों और नेताओं द्वारा किए गए वादे याद रहते हैं.
नितिन नवीन ने कहा कि तेलंगाना के युवाओं में जबरदस्त टैलेंट, इनोवेशन और असीमित क्षमता है और वे India के विकास में अहम भूमिका निभाने की स्थिति में हैं. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से राज्य में कांग्रेस Government युवाओं से किए गए अपने मुख्य वादों को पूरा करने में नाकाम रही है, जिसमें रोजगार और विकास से जुड़े वादे भी शामिल हैं.
भाजपा प्रमुख का मानना है कि लीडरशिप का मतलब है फैसले लेने की क्षमता दिखाना. मैं एक उदाहरण देता हूं कि लीडरशिप से कितना फर्क पड़ सकता है. मैं बिहार से हूं. 2005 में बिहार में हमारी Government बनी. उस समय, एक ही व्यक्ति लंबे समय से डीजीपी के पद पर था. फिर हमारे एनडीए गठबंधन के नेता नीतीश कुमार सत्ता में आए.
डेढ़ साल बाद भी वही डीजीपी अपने पद पर बना रहा. मैं उस फर्क की बात कर रहा हूं जो लीडरशिप एक सिस्टम में लाती है. लीडरशिप बदली, एक काबिल फैसला लेने वाला नेता आया और उसी डीजीपी ने पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था को काबू में कर लिया. इससे साफ पता चलता है कि अगर लीडरशिप फैसले लेने में काबिल हो और उसे भरोसा हो कि वह देश को सही दिशा में आगे ले जा सकती है तो देश के करोड़ों युवा भी स्वाभाविक रूप से उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे.
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डीकेएम/वीसी