
चेन्नई, 24 जून . Police प्रशासन को ज्यादा सुलभ और जवाबदेह बनाने की कोशिश में तमिलनाडु के Police महानिदेशक (डीजीपी) महेश कुमार अग्रवाल ने राज्य भर के वरिष्ठ Police अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर सप्ताह दो बार आम लोगों से मिलें और उनकी शिकायतें व्यक्तिगत रूप से सुनें.
डीजीपी के आदेश के अनुसार, Wednesday और Saturday को ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ के तौर पर तय किया गया है. इन दिनों डीएसपी, एसपी, डीआईजी, आईजी और Police कमिश्नर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने-अपने ऑफिस में मौजूद रहना होगा ताकि वे जनता की शिकायतें सुन सकें. इस आदेश का मकसद यह पक्का करना है कि शिकायतों और समस्याओं का समाधान तेजी और सही तरीके से हो.
डीजीपी ने निर्देश दिया है कि अधिकारी शिकायत करने वालों से अच्छे से बात करें, उनकी परेशानियां सुनें और तय समय के अंदर ज़रूरी कार्रवाई करें. आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि आम लोगों के साथ सम्मान से पेश आया जाए और बिना किसी फालतू देरी के उनकी शिकायतों को सुलझाने की कोशिश की जाए.
अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे शिकायतें सुनते समय नागरिकों के प्रति दोस्ताना रवैया अपनाएं. जिन मामलों में तय अधिकारी कोर्ट में पेशी, Governmentी बैठकों, कानून-व्यवस्था की ड्यूटी या अन्य जरूरी कामों की वजह से शिकायत सुनने के सेशन में शामिल नहीं हो पाते हैं, वहां उनसे ठीक नीचे के सीनियर अधिकारी को शिकायतें सुननी चाहिए और ज़रूरी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए.
इस व्यवस्था का मकसद यह है कि लोगों को लंबे समय तक इंतज़ार न करना पड़े और शिकायतों के समाधान का काम लगातार चलता रहे. डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया है कि इन सेशन के दौरान मिली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जाए और उचित कार्रवाई होने तक उन पर नजर रखी जाए.
यह आदेश Police विभाग की जन-सेवा को बेहतर बनाने और नागरिकों तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच भरोसा मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है.
सीनियर अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत के लिए एक व्यवस्थित मंच बनाकर, इस पहल से लोगों की शिकायतों का तेज़ी से समाधान होने और फोर्स के भीतर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है. डीजीपी ने यह भी कहा कि शिकायत समाधान सिस्टम को लागू करने और इस मामले में अधिकारियों के कामकाज पर राज्य Police मुख्यालय बारीकी से नजर रखेगा.
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