
New Delhi, 15 दिसंबर . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इस बीच Supreme Court ने Monday को दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई और साफ कहा कि अब ऐसे आदेश देने की जरूरत है, जिनका जमीन पर सख्ती से पालन हो सके.
दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण से जुड़े मामलों को Supreme Court में उठाया गया. सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अपराजिता ने अदालत को बताया कि जब तक अदालत की ओर से स्पष्ट और कड़े निर्देश नहीं दिए जाते, तब तक राज्य Governmentें गंभीरता से उनका अनुपालन नहीं करतीं. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए व्यावहारिक और प्रभावी आदेश जरूरी हैं.
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत इस समस्या से पूरी तरह अवगत है और अब ऐसे आदेश पारित किए जाएंगे, जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके. उन्होंने कहा कि कुछ निर्देश ऐसे होने चाहिए, जिनका पालन जबरदस्ती भी कराया जा सके. सीजेआई ने यह भी कहा कि दिल्ली जैसे शहरी महानगरों में एक वर्ग ऐसा है, जिनकी जीवनशैली प्रदूषण की समस्या पैदा करती है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब, दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोगों को भुगतना पड़ता है.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह मामला Wednesday को तीन जजों की पीठ के समक्ष रखा जाएगा ताकि इस पर व्यावहारिक और ठोस आदेश दिए जा सकें. Supreme Court ने यह भी स्पष्ट किया कि 17 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण से जुड़े सभी मामलों की विस्तृत सुनवाई की जाएगी.
इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान Supreme Court की एक पीठ ने कहा था कि वायु प्रदूषण को सिर्फ सर्दियों के मौसम में सामने आने वाला ‘सामान्य’ मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा था कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए महीने में कम से कम दो बार नियमित सुनवाई की जाएगी.
प्रदूषण के साथ-साथ मौसम ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. Monday को इस सीजन का सबसे घना कोहरा छाया रहा. आईजीआई एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर सिर्फ 50 मीटर रह गई, जबकि सफदरजंग क्षेत्र में दृश्यता शून्य रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है.
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वीकेयू/एएस