
New Delhi, 19 दिसंबर . रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार पंजाब में रोपड़ के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को Supreme Court से राहत नहीं मिली. Supreme Court ने Friday को उनकी जमानत की मांग से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया. Supreme Court ने साफ कहा कि इस स्टेज पर वह दखल नहीं देगा, क्योंकि मामला अभी हाई कोर्ट में पेंडिंग है.
कोर्ट ने भुल्लर के वकील की अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद वकील ने अर्जी वापस ले ली.
दरअसल, भुल्लर ने अपने केस में सीबीआई की जांच के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया था. उनका कहना था कि पंजाब में सीबीआई को केस दर्ज करने के लिए राज्य Government की ओर से जरूरी मंजूरी नहीं है, इसलिए सीबीआई का जांच का अधिकार नहीं बनता. इसी वजह से उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया और अंतरिम राहत के तौर पर जमानत और केस पर रोक की मांग की.
हालांकि, हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले की अगली सुनवाई एक महीने बाद तय की. इसके बाद भुल्लर ने Supreme Court से राहत की गुहार लगाई, लेकिन Supreme Court ने सुनवाई से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि इस समय वह हाई कोर्ट के फैसले में दखल नहीं देगा.
बता दें कि सीबीआई ने 16 अक्टूबर को रोपड़ रेंज के डीआईजी के तौर पर तैनात भुल्लर को बिचौलिए कृषाणु शारदा के साथ गिरफ्तार किया था. उन पर स्क्रैप डीलर आकाश से 5 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है. शारदा को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था, जबकि डीआईजी भुल्लर को मोहाली में उनके ऑफिस से गिरफ्तार किया गया.
चंडीगढ़ में भुल्लर के घर पर तलाशी के दौरान, सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश, 2.32 करोड़ रुपए से ज्यादा के गहने, 26 ब्रांडेड और महंगी घड़ियां, साथ ही परिवार के सदस्यों के नाम पर लगभग 50 अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए. डीआईजी भुल्लर के खिलाफ बेहिसाब संपत्ति जमा करने के लिए एक और First Information Report इंस्पेक्टर सोनल मिश्रा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी.
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पीआईएम/एबीएम