हिमाचल प्रदेश: बारा भंगाल में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं

कांगड़ा, 27 जून . Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू Saturday को कांगड़ा जिले में 2,800 मीटर से ज्‍यादा ऊंचाई पर बसे राज्य के सबसे दूरदराज के गांव ‘बारा भंगाल’ हेलीकॉप्टर से पहुंचे और वहां रात बिताई.

बारा भंगाल में रात बिताने वाले सुक्खू पहले Chief Minister बन गए. इससे पहले के Chief Minister वहां गए तो थे, लेकिन किसी ने भी वहां रात नहीं बिताई थी.

यहां के खानाबदोश स्थानीय लोगों का मुख्य काम भेड़ और मवेशी पालना है. हिमालय की विशाल धौलाधार और पीर पंजाल पर्वतमालाओं के बीच बसा बारा भंगाल सबसे दूरदराज का गांव माना जाता है, जहां लगभग 500 वोटर हैं.

Chief Minister ने निवासियों की समस्याएं सुनने के बाद स्थानीय विधायक किशोरी लाल के साथ मिलकर छह बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने घोषणा की कि बारा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत हर महीने 1,500 रुपए मिलेंगे. लगातार बिजली मिलती रहे, इसके लिए इलाके में 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के लिए जनरेटर सेट लगाए जाएंगे.

उन्होंने यह भी घोषणा की कि बारा भंगाल के स्कूल जाने वाले बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. Government पास के स्कूलों को नोडल स्कूल बनाएगी, ताकि बारा भंगाल के बच्चे बीर और आस-पास की जगहों पर अपनी पढ़ाई कर सकें.

सीएम ने अधिकारियों को बारा भंगाल को इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य Government इस इलाके में प्राकृतिक खेती से उगाई गई राजमा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देगी.

सुक्खू ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बारा भंगाल के लोगों को प्राकृतिक खेती की पहल से जोड़ें और यह पक्का करें कि उन्हें सभी जरूरी मदद और सुविधाएं मिलें.

उन्होंने इलाके के भेड़ पालकों के लिए भी एक अहम घोषणा की कि Government उनसे मटन खरीदेगी.

Chief Minister ने निवासियों को भरोसा दिलाया कि Government उनके जीवन को आसान बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी. धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा रहे बारा भंगाल पहुंचने से पहले, उन्होंने हाल की प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा किया. शाम को Chief Minister ने इस दूर-दराज इलाके के निवासियों को होने वाली परेशानियों के बारे में खुद जानकारी ली. खास बात यह है कि 2011 के बाद से किसी भी Chief Minister ने बड़ा भंगाल का दौरा नहीं किया था.

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एएसएच/डीकेपी

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