
इंदौर, 3 जून . आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 776 रन बनाकर पूरे विश्व में अपनी प्रतिभा का करिश्मा बिखरने वाले 15 साल बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर आईआईएम इंदौर अध्ययन करने जा रहा है. संस्थान के निदेशक हिमांशु राय ने कहा है कि उनका लक्ष्य ऐसे अद्भुत क्षमता वाली प्रतिभाओं को अपने पथ से भटकने से रोकना है.
से खास बातचीत में हिमांशु राय ने कहा, “हमने देखा है कि बहुत ही कम उम्र में अद्भुत और अद्वितीय प्रतिभा कई बच्चों के पास देखी गई है. वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो ख्याति हासिल की वह असाधारण है. अपने अध्ययन में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि वह कौन से कारक हैं जिसकी वजह से उनके अंदर यह असाधारण प्रतिभा आई है.”
हिमांशु राय ने कहा, “मनोविज्ञान और सामाजिक विज्ञान के मुताबिक 3 चीजों से ये चीजें निर्धारित होती हैं. पहला व्यक्तित्व होता है जो आनुवंशिक होता है. दूसरा आस-पास का माहौल होता है जिसमें परिवार का समर्थन, रहन-सहन और प्रशिक्षण आता है. तीसरा यह है कि उसने स्वत: क्या किया है. अगर इसे एक फॉर्मूले में बना दिया जाए तो प्रदर्शन योग्यता, अवसर और गतिशीलता पर निर्भर है.”
उन्होंने कहा, योग्यता का अर्थ उसके अंदर की क्षमता, प्रेरणा का अर्थ उसके अंदर उमंग था कि नहीं. वह स्वत: प्रोत्साहित था कि नहीं. उसे अवसर मिले की नहीं. हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि कम उम्र की इन अद्भुत प्रतिभाओं में उपरोक्त गुणों का कितना मिश्रण होता है.”
हिमांशु राय ने कहा, “हमने कई असाधारण प्रतिभावाले बच्चों को पहले भी देखा है जो समय के साथ लुप्त हो गए. इसकी वजह परिवार, समाज की अपेक्षाएं और आर्थिक समृद्धि का आना भी है. उनमें भावनात्मक, धार्मिक और मानसिक संतुलन में कहीं न कहीं गड़बड़ी आ जाती है. जब दबाव और अवरोध आता है, तो वे उसका निष्तारण कैसे करते हैं.”
उन्होंने कहा, “हमें पता होना चाहिए कि ऐसे अद्भुत बालकों के जीवन में क्या समस्याएं आ सकती हैं. हमारा लक्ष्य है कि वैभव सहित जितने भी कम उम्र के विलक्षण प्रतिभा वाले बच्चे हैं वो लंबे समय तक अपना प्रदर्शन बरकरार रख सकें.”
आईआईएम इंदौर के निदेशक ने कहा, “हम दो सप्ताह में अध्ययन आरंभ कर देंगे. मैं अपनी टीम बनाने जा रहा हूं. मैं अपनी रिसर्च टीम का नेतृत्व खुद करूंगा. तीन महीने के अंदर हम अपनी पहली ड्रॉफ्ट रिपोर्ट बना देंगे. टीम में मानव संसाधन, मानव विकास, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र के लोग रहेंगे. लगभग 5 सदस्यों की टीम होगी. इसके अलावा जितने भी रिसर्च एसोसिएट हमें चाहिए होंगे, हम लेंगे.”
वैभव सूर्यवंशी पर अध्ययन से युवाओं को होने वाले फायदे के सवाल पर हिमांशु ने कहा, “वैभव एक उदाहरण हैं, लेकिन जितने भी क्षेत्रों में जो भी अद्भुत क्षमता वाले बच्चे हैं, जैसे चेस, निशानेबाजी, गणित, भौतिक, कला, और संगीत में प्रतिभावान बच्चे हुए हैं, उन्हें समझने में आसानी होगी कि वे क्यों और कैसे यहां पर पहुंचे. वे कौन सी चीज हैं जिसका उन्हें ध्यान चाहिए और दीर्घकाल तक अगर वे अपनी क्षमता को बनाए रखना चाहते हैं तो यह कैसे संभव होगा. दुनियाभर में बहुत सारे अद्भुत बच्चे हुए हैं, लेकिन उनमें से बहुत सारे दिग्भ्रमित हो गए हैं. हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी प्रतिभाएं भ्रमित न हों.”
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पीएके