पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता कार्तिकेयन बीजेडी में शामिल, अटकलों पर लगा विराम

भुवनेश्वर, 25 जून . Odisha की पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजेडी के वरिष्ठ नेता वी.के. पांडियन की पत्नी सुजाता आर. कार्तिकेयन ने Thursday को बीजू जनता दल (बीजेडी) की सदस्यता ग्रहण कर ली. उनके पार्टी में शामिल होने के साथ ही पिछले कई महीनों से चल रही Political अटकलों पर विराम लग गया है.

सुजाता ने भुवनेश्वर स्थित बीजेडी मुख्यालय शंख भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister नवीन Patnaयक की मौजूदगी में बीजेडी का दामन थामा.

इस अवसर पर सुजाता का स्वागत करते हुए नवीन Patnaयक ने कहा, “मैं सुजाता राउत का बीजू जनता दल में स्वागत करता हूं. वह पार्टी की एक सामान्य सदस्य के रूप में शामिल हो रही हैं. आप जानते हैं कि वह एक आईएएस अधिकारी रही हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. अपने अंतिम कार्यकाल में उन्होंने राज्य की महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी संभाली थी.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि समय के साथ अपनी नई भूमिका में ढलने के बाद वह लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की सेवा करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी.”

इस दौरान नवीन Patnaयक ने उन नेताओं को भी स्पष्ट संदेश दिया, जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी में पांडियन दंपति के बढ़ते प्रभाव को लेकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से असंतोष जताया था. साथ ही उन्होंने अपने Political उत्तराधिकारी को लेकर चल रही चर्चाओं को भी विराम देने की कोशिश की.

Patnaयक ने कहा, “मैं मीडिया और सभी लोगों को एक बार फिर स्पष्ट करना चाहता हूं कि आगामी चुनावों में बीजू जनता दल का नेतृत्व मैं ही करूंगा. मैं इसे पूरी तरह साफ कर देना चाहता हूं.”

बीजेडी में शामिल होने के बाद सुजाता कार्तिकेयन ने कहा कि उन्हें पिछले 24 वर्षों से नवीन Patnaयक के नेतृत्व में Odisha के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा, “आज बीजेडी में शामिल होकर मुझे फिर से नवीन Patnaयक के नेतृत्व में Odisha की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है. भगवान जगन्नाथ, पार्टी नेतृत्व और लाखों कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से मैं पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करूंगी.”

गौरतलब है कि वर्ष 2000 बैच की Odisha कैडर की आईएएस अधिकारी रहीं सुजाता कार्तिकेयन ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मास्टर्स की डिग्री हासिल की.

बता दें कि सुजाता कार्तिकेयन ने पिछले वर्ष मार्च में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी. इसके बाद से ही उनके राजनीति में आने और बीजेडी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. Thursday को उनके पार्टी में शामिल होने के साथ ही इन अटकलों को औपचारिक रूप से विराम मिल गया.

डीएससी

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