सपा सांसदों ने सरकार पर संसदीय परंपराओं और नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप

New Delhi, 13 अगस्त . Samajwadi Party (सपा) के सांसद रामगोपाल यादव ने Government पर संसदीय परंपराओं और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष की जिद के कारण पूरे सत्र के दौरान कई विधेयक जबरदस्ती पारित कराए गए. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से इन विधेयकों को पारित कराया गया, वह संसदीय लोकतंत्र की स्थापित परंपराओं के अनुरूप नहीं है. विपक्ष ऐसी कार्यप्रणाली को स्वीकार नहीं कर सकता.

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि Government में बैठे लोगों को अपने अहंकार या जिद को विपक्ष की जायज मांगों के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए. संसद में कानून बनाने के लिए नियम और परंपराएं निर्धारित हैं और उनका पालन किया जाना जरूरी है.

गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बयान देने की तैयारी के मुद्दे पर सपा सांसद ने कहा कि Government की ओर से बताया गया है कि विपक्षी दल अपने सवाल Lok Sabha अध्यक्ष को लिखित रूप में दें, जिनका जवाब दिया जाएगा. उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संसद की स्थापित परंपरा नहीं रही है.

उन्होंने कहा, “हमेशा से यही तरीका रहा है कि मंत्री सदन में बयान देते हैं और इसके बाद सभी दलों के सांसद तय समय के भीतर अपने सवाल पूछकर संबंधित मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगते हैं. संसद इसी तरह काम करती है.” रामगोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर सकता और केवल इसलिए अपनी आपत्ति वापस नहीं लेगा कि सत्ताधारी दल बार-बार यह आरोप लगा रहा है कि विपक्ष संसद से भाग रहा है.

उन्होंने कहा कि यदि हर दिन संसदीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को तोड़ा जाएगा, तो विपक्ष ऐसी प्रक्रिया में शामिल क्यों हो. Government को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और विपक्ष की भूमिका का सम्मान करना चाहिए.

Maharashtra Government की ओर से टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के फैसले पर भी रामगोपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति इस तरह के कदम से सहमत नहीं है और किसी भी Government को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि India की सबसे बड़ी ताकत उसकी “विविधता में एकता” है. अगर देश के भीतर लोगों को भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश की जाती है, तो यह बेहद संकीर्ण सोच को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर विभाजन देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों के मुद्दे पर भी सपा सांसद ने Government से सदन में बयान देने की मांग की. उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल इस मामले पर Government का बयान चाहता है. उनके अनुसार, आस्था से जुड़े मामले में गंभीर चोरी के आरोप लगे हैं और यह घटना ऐसी जगह हुई, जो सीधे Prime Minister कार्यालय (पीएमओ) की निगरानी में थी.

वहीं, उत्तर प्रदेश में सपा की Government बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के बयान पर पार्टी सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि जब भी प्रदेश में Samajwadi Party की Government बनी है, आजम खान Government का हिस्सा रहे हैं और आगे भी रहेंगे.

एसएके/पीएम

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