तमिलनाडु में 200 सरकारी दफ्तरों पर लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र

चेन्नई, 4 जुलाई . तमिलनाडु Government राज्य के करीब 200 Governmentी दफ्तरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की बड़ी योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से कुल 200 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है.

Governmentी इमारतों में बिजली का खर्च कम करने और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के रूप में Government को सौंप दिया गया है.

अधिकारियों के अनुसार, Government से मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना की घोषणा आगामी विधानसभा सत्र में किए जाने की उम्मीद है.

इस परियोजना को नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी मॉडल के तहत लागू करने का प्रस्ताव है. इस मॉडल में निजी कंपनियां Governmentी दफ्तरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएंगी. वह इन संयंत्रों की मालिक होंगी और इनके संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेंगी. साथ ही, इन्हीं संयंत्रों से Governmentी दफ्तरों को बिजली की आपूर्ति की जाएगी.

तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव पिछली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम Government के दौरान शुरू की गई इसी तरह की एक योजना का नया रूप है, जो सफल नहीं हो सकी थी.

तमिलनाडु बिजली वितरण निगम और तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संयुक्त व्यवहार्यता जांच के बाद चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों के Governmentी दफ्तरों में 20 मेगावाट क्षमता के छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए निविदाएं जारी की गई थीं.

हालांकि, यह परियोजना निजी कंपनियों को आकर्षित नहीं कर सकी और आखिरकार इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा Government ने निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ियां मिलने के बाद अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच जारी की गई सभी निविदाएं रद्द कर दीं.

केंद्र Government की ओर से राज्यों से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी लाने की अपील के बाद तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अब पूरे राज्य के Governmentी दफ्तरों को शामिल करते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया है.

अधिकारियों ने माना कि कई Governmentी इमारतों की छतों पर जगह कम होना एक बड़ी चुनौती है. बुनियादी ढांचे का आकलन करने के बाद तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जिला कलेक्टर कार्यालयों और राजस्व विभाग के दफ्तरों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, क्योंकि वहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है.

इन दफ्तरों में प्रस्तावित सौर ऊर्जा संयंत्र लगने के बाद दिन के समय बिजली की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा होने की उम्मीद है. इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी, बिजली का खर्च घटेगा और राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी.

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी मॉडल के तहत निजी कंपनियों से नई निविदाएं आमंत्रित करेगा.

इस बीच, बिजली मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार ने चेन्नई में तमिलनाडु बिजली बोर्ड के मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के बिजली क्षेत्र के कामकाज की समीक्षा की.

मंत्री ने बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की प्रगति का भी जायजा लिया. साथ ही, उडांगुडी ताप बिजली परियोजना और प्रस्तावित एन्नोर विशेष आर्थिक क्षेत्र ताप बिजली परियोजना समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की.

एसएचके/डीकेपी

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