
जम्मू, 5 अगस्त . जम्मू डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने दावा किया है कि अनुच्छेद 370 हटने के छह साल बाद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर ने जम्मू-कश्मीर की तस्वीर बदल दी है.
उचित सिंघल ने से बातचतीत में कहा, “अनुच्छेद 370 को हटाना एक ऐतिहासिक घटना थी, जो जम्मू-कश्मीर के इतिहास में दर्ज हो गई है. अगर हम रेलवे पर इसके असर की बात करें, तो सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक पिछले साल जम्मू रेलवे डिवीजन का गठन था. जम्मू डिवीजन ने काम करना शुरू किया और 1 जून, 2025 से इसे आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया गया. जम्मू डिविजन ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में मदद की है. इसमें Prime Minister द्वारा उद्घाटन के बाद कटरा-श्रीनगर वंदे India एक्सप्रेस का सफल संचालन भी शामिल है. इसके अलावा अनंतनाग गुड शेड की स्थापना हुई है, जहां से 20 हजार टन सेब पहली बार ट्रेन से भेजे गए.”
सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने कहा, “पहलगाम की घटना के समय जम्मू रेलवे डिविजन का कामकाज अभी शुरुआती दौर में ही था. इस घटना के बाद जम्मू डिविजन के स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई. भीड़ को संभालने के लिए बहुत कम समय में स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई और उन्हें चलाया भी गया. जम्मू डिविजन के लिए यह पहली बड़ी चुनौती थी और इसे बहुत सफलतापूर्वक संभाला गया.”
गौरतलब है कि केंद्र की भाजपा Government ने संसद के जरिए 5 अगस्त 2019 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त किया था. इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर का विशेष स्वायत्त दर्जा भी रद्द कर दिया गया. वहीं, केंद्र Government ने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित किया. दिलचस्प है कि जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है लेकिन अनुच्छेद 370 के पक्ष में आवाज उठा रही पीडीपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की मांग का विरोध किया है.
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