मध्य प्रदेश: उज्जैन के एक गांव में महिला को जूतों की माला पहनाकर घुमाया गया, छह गिरफ्तार

उज्जैन, 2 जुलाई . Madhya Pradesh के उज्जैन में एक चौंकाने वाली घटना ने आक्रोश पैदा कर दिया है. यहां हरनियाखेड़ा गांव में एक महिला और उसके दूसरे पति को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया है.

तीन साल पहले अपने पहले पति को छोड़कर दूसरे व्यक्ति से शादी करने वाली यह महिला Tuesday को जमीन विवाद सुलझाने के लिए अपने पति के साथ गांव लौटी थी.

उनके आने पर उसके पूर्व ससुराल वालों और कई ग्रामीणों ने हिंसक प्रतिक्रिया दी, जिसके परिणामस्वरूप एक शर्मनाक घटना घटी जो social media पर वायरल हो गई.

वरिष्ठ Police अधिकारियों के अनुसार, भीड़ ने महिला के कपड़े फाड़ दिए, उसके बाल काट दिए और उसे जबरन जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया.

इस हमले के दौरान उसके पति पर भी बेरहमी से हमला किया गया. घटना का एक वीडियो Thursday को ऑनलाइन सामने आया, जिसमें क्रूरता उजागर हुई और व्यापक निंदा हुई.

Police अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने पुष्टि की कि आरोपी महिला के पूर्व ससुराल से हैं.

तीन महिलाओं सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इनमें से छह को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पांच अन्य फरार हैं. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

झारदा Police स्टेशन के प्रभारी और जांच अधिकारी ने बताया कि यह घटना Tuesday दोपहर करीब 12 बजे स्टेशन मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर घटी.

हमले की सूचना मिलने पर जब Police दल मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई. Police ने सुमेर सिंह, बद्रीलाल, कचरू और तीन अन्य को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बाद में अदालत में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया.

शेष आरोपियों की तलाश जारी है और Police ने छापेमारी तेज कर दी है.

गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, आगे की अशांति को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जांच में पता चला कि महिला ने पहले एक स्थानीय युवक से शादी की थी, लेकिन तीन साल पहले उसे छोड़कर उसी गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ रहने लगी थी.

बाद में दोनों ने शादी कर ली और इंदौर में बस गए. जमीन से जुड़े एक मामले के सिलसिले में उनके हरनियाखेड़ा लौटने पर महिला के पूर्व ससुर ने ग्रामीणों को इकट्ठा कर उन पर हमला करने की साजिश रची.

चिंताजनक बात यह है कि जब दंपति इस अत्याचार को सह रहे थे, तब कई ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करने के बजाय वीडियो बनाना बेहतर समझा. Police ने अब पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए हैं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है.

एमएस/

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